मंडी। तरनोह संपर्क मार्ग पर मिले नवजात शिशु के शव मामले में पुलिस मामले की सच्चाई सामने लाने और सभी तथ्यों को पुख्ता करने के लिए अब डीएनए परीक्षण कराएगी। डीएनए सैंपल का मिलान परिजनों से किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नवजात रिकाॅर्ड के मुताबिक सामने आए परिवार की ही थी।
प्रारंभिक जांच और जोनल अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार नवजात की अस्पताल में ही मरी हुई पैदाइश हुई थी। इसके बाद नवजात को दफनाया गया, लेकिन इस प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई। इसी दौरान नवजात का शव तरनोह लिंक रोड पर पड़ा मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
अस्पताल रिकॉर्ड से ही पुलिस नवजात के परिजनों तक पहुंची और उन्हें भी जांच में शामिल किया। उन्होंने भी मरी हुई बच्ची होने की बात कही। इसी आधार पर अब डीएनए जांच को जरूरी माना जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की शंका या विरोधाभास को पूरी तरह दूर किया जा सके।
बीते वीरवार सुबह मंडी शहर के साथ लगते तरनोह सड़क पर एक नवजात के शव मिला था। उधर, पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामले की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। संवाद