328 आवेदनों को मिली मंजूरी, 35 प्रतिशत क्रेडिट सब्सिडी से युवाओं को मिला स्वरोजगार
डीएलसी बैठक में दूर-दराज तक योजना पहुंचाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला मंडी ने पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल कर महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। योजना के तहत जिले में अब तक 328 आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है। इससे स्थानीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान समिति ने 20 नए प्रकरणों को मंजूरी प्रदान की। उपायुक्त ने योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य प्रसंस्करण को केवल पारंपरिक उत्पादों तक सीमित न रखते हुए अनाज, फल, सब्जियां, दुग्ध उत्पाद, मसाले तथा हर्बल एवं औषधीय उत्पादों की प्रसंस्करण इकाइयों को भी प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी जिले के दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचाई जाए, ताकि ग्रामीण युवा और स्थानीय उद्यमी अपने उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर आत्मनिर्भर बन सकें। योजना के तहत पात्र सूक्ष्म उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रदान की जा रही है। बैठक में जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक नेहा चौहान ने बताया कि अब तक प्राप्त 343 आवेदनों में से 305 की अनुशंसा की जा चुकी है, जबकि बैंकों द्वारा 209 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है।