मंडी। भाषा एवं संस्कृति विभाग मंडी ने हिंदी पखवाड़े के तहत संस्कृति भवन मोतीपुर, कांगणीधार में हिंदी भाषा के विकास पर परिचर्चा और कवि गोष्ठी मंगलवार को आयोजित की। जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कमल प्यासा मुख्य अतिथि रहे, जबकि कवि एवं आलोचक डॉ. विजय विशाल ने अध्यक्षता की।
परिचर्चा में वक्ताओं ने हिंदी को संवाद और संपर्क की प्रमुख कड़ी बताते हुए कहा कि रोजगार से जुड़ने पर भाषा को जनसमुदाय सहजता से अपनाता है। डॉ. कमल प्यासा ने कहा कि हिंदी ने अन्य भाषाओं के शब्दों को आत्मसात कर अपना शब्द भंडार समृद्ध किया है। साहित्यकार प्रकाश चंद्र धीमान ने भाषा की तुलना बहते नीर से की। दूसरे सत्र में आयोजित कवि गोष्ठी में जिलेभर से आए करीब 30 कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।