मंडी। नगर निगम मंडी के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए निगम के प्रारंभिक तैयारियां कर ली हैं। इसके लिए एक आपदा प्रबंधन समिति भी गठित की गई है। इसके साथ ही आपदा से निपटने के लिए जरूरत का सामान भी निगम के पास उपलब्ध हो गया है। वह शीतला माता मंदिर प्रांगण में वार्ड-दो पुरानी मंडी में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
नगर निगम मंडी के शीतला माता मंदिर प्रांगण में वार्ड-दो पुरानी मंडी की वार्ड सभा स्थानीय पार्षद और मेयर वीरेंद्र भट्ट की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कई मसलों के साथ ही बरसात के मद्देनजर आपदा प्रबंधन पर चर्चा की गई। इसी के साथ स्थानीय लोगों ने उत्पाती बंदरों, कुत्तों का मामला उठाया और इनके आतंक से निजात दिलाने की मांग की। बैठक के दौरान लोगों को विभिन्न योजनाओं के जानकारी दी गई।
बैठक में डॉ. बसीम अख्तर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.85 लाख रुपये का अनुदान चार किश्तों में दिया जाता है। इस योजना के तहत पुरानी मंडी वार्ड में 30 घर बने हैं, जबकि आठ का कार्य जारी है। यह योजना दिसंबर तक चलेगी। उन्होंने कहा कि पुरानी वार्ड में अभी तक 1.83 करोड़ के विकास कार्य हुए हैं, जबकि दो करोड़ के कार्य प्रस्तावित है। पार्क और भ्यूली में हेल्थ वेलनेस सेंटर के कार्य प्रगति पर हैं।
बैठक में आपदा प्रबंधन पर चर्चा करते हुए मेयर वीरेंद्र भट्ट ने बताया कि बीते वर्ष ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से पुरानी मंडी स्थित इंदिरा आवास कॉलोनी में अधिक नुकसान हुआ था। हालांकि इस बार आपदा से निपटने के लिए एक समिति का गठन किया है, ताकि अधिक नुकसान न हो।
वार्ड के अलग-अलग स्थानों पर शीतला सेवक कार्यालय समाजसेवी जीतेंद्र शर्मा के घर पर स्ट्रेचर, व्हील चेयर, बैसाखी आदि मदद का सामान उपलब्ध रहेगा। वहीं, व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है, जिसमें आपात स्थिति में सूचना का आदान-प्रदान किया जाएगा। बैठक में उपस्थित डॉ. पवनेश कुमार ने भी लोगाें को चिकित्सा संबंधी जानकारी दी।
बैठक में स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क, श्मशानघाट और उच्च मार्ग पर खड़े किए जा रहे वाहनों की वजह से पैदल चलने वालों असुविधा झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सड़कों के किनारे खड़े होने वाले वाहनों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएं। सभा के अंत में सभी को पौधरोपण के लिए पौधे भी वितरित किए गए।