नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार हासिल करने के लिए उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मार्च महीने में मौसम में बदलाव के कारण डायरिया, वायरल बुखार और शरीर में जकड़न के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। उपमंडल के तीन सरकारी अस्पतालों में खांसी, बुखार और डीहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों की ओपीडी दोगुनी हो गई है।
डॉक्टरों के अनुसार, खान-पान में लापरवाही और मौसम के अनुकूल खुद को न ढाल पाने के कारण उल्टी-दस्त, शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। बुधवार को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की ओपीडी नंबर 105 में सर्दी, खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की भीड़ देखी गई।
चिकित्साधिकारी डॉ. माणिक्य ने बताया कि दिन में तेज धूप के कारण तापमान में अचानक बदलाव हो रहा है, लेकिन लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है और वे अधिक बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं और उन्हें आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
ओपीडी नंबर 106 में तैनात डॉ. विजेंद्र ने बताया कि शारीरिक स्वच्छता में कोताही के कारण भी लोग बीमार हो रहे हैं। दूषित भोजन और गंदे पानी के सेवन से उल्टी-दस्त और डीहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इन समस्याओं का अधिक सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि मौसम के इस बदलाव में लोगों को गर्म कपड़े पूरी तरह न छोड़ने, हल्का गुनगुना पानी पीने, संतुलित आहार लेने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। बाहर का दूषित भोजन खाने से बचने की सलाह दी गई है, ताकि बीमारियों से बचा जा सके।