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Mandi News: डायलिसिस यूनिट के स्लॉट खत्म, 15 गंभीर मरीजों का उपचार लटका

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नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की डायलिसिस यूनिट में उपचाराधीन मरीज।  संवाद
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जोगिंद्रनगर अस्पताल से स्लॉट की कमी के कारण लौटाए जा रहे मरीज
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मंडी और कांगड़ा यूनिटों में भी डायलिसिस करवाने के लिए तीमारदारों को झेलनी पड़ रही परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी

जोगिंद्रनगर(मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के डायलिसिस यूनिट में फिर स्लॉट खत्म होने से 15 किडनी मरीजों का उपचार लटक गया है। यही नहीं मंडी और कांगड़ा के अस्पतालों में भी किडनी के मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं और अब सौ बिस्तरों वाले अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के विस्तार को लेकर भी किडनी के मरीज और तीमारदार लामबद्ध हो गए हैं।
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वीरवार को नागरिक अस्पताल में किडनी के डायलिसिस के लिए पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को यह कहकर लौटा दिया गया कि आरक्षित 12 से 14 मरीजों के ही डायलिसिस की सुविधा यूनिट में मौजूद है। ऐसे में नए किडनी के मरीजों का उपचार डायलिसिस यूनिट में संभव नहीं हो पाएगा। इस दौरान संबंधित मरीजों के तीमारदारों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और अस्पताल में डायलिसिस के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की। अस्पताल में दो साल से संचालित डायलिसिस यूनिट में सुविधाओं और संसाधनों की बात करें तो यहां पर केवल 14 मरीजों के ही डायलिसिस के लिए रूट चार्ट निर्धारित कर रखा है। प्रत्येक डायलिसिस के लिए तीन से चार घंटे तय किए गए हैं और हर माह करीब 12 से 14 मरीजों को ही निर्धारित अवधि में डायलिसिस के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। अब आरक्षित सभी स्लॉट बुक होने से उपमंडलीय अस्पताल में डायलिसिस के नए 15 मरीजों का उपचार भी अधर में लटक चुका है। डायलिसिस यूनिट जोगिंद्रनगर के डॉ. शिवम ने बताया कि जोगिंद्रनगर के डायलिसिस यूनिट में आरक्षित 12 से 14 मरीजों के स्लॉट पूरे होने के बाद अब नए किडनी मरीजों के पंजीकरण फिलहाल रोकने पड़े हैं। स्लॉट खाली होने के बाद ही किडनी के नए मरीजों का दाखिला होगा। अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने कहा कि उपमंडलीय अस्पताल में संचालित डायलिसिस यूनिट में अधिक से अधिक किडनी के मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिले, इसके लिए संबंधित विभाग से पत्राचार किया जाएगा।
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