चार दिवसीय सराज दीपोत्सव का दीपावली के दिन आगाज हो गया। बतौर मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम जंजैहली अश्वनी कुमार ने मेले का आगाज किया। सराज दीपोत्सव के शुभारंभ पर देवी हिडिंबा, देव काला कामेश्वर और देवी जहल समेत अन्य देवी-देवताओं के रथों और देवलुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के साथ शिरकत की।
उधर उत्सव की परंपरा को देवी देवताओं के आदेशानुसार तोड़ते हुए मुख्य अतिथि और अन्य लोगों की जलेब देवी-देवताओं से अलग मेले में पहुंची। बताया जा रहा है कि कुछ देवता मुख्य अतिथि की निकलने वाली जलेब में शिरकत करने से नाखुश थे। इस कारण उत्सव कमेटी को जलेब की परंपरा को बदलना पड़ा। सराज दीपोत्सव में पहली नवंबर को वायस आफ सराज प्रतियोगिता का दिन में आयोजन किया जा रहा है। इसमें सराज के कलाकारों का ऑडिशन लिया जा रहा है। अव्वल गायकों को ईनाम देने का आयोजन किया गया है।
दो नवंबर को सराज क्षेत्र के समस्त देवी देवताओं के बजंतरियों को सराज दीपोत्सव में आमंत्रित किया गया है जो अपनी ध्वनि की छाप छोड़कर वाद्य यंत्रों की प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगे। इस अवसर पर प्रधान निलिमा ठाकुर ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब देवताओं की जलेब निकल रही थी तब पुलिस अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था को संभालने का कोई प्रयास नहीं किया। जलेब के दौरान बाजार में गाड़ियों को नहीं रोका गया। इस कारण जलेब में चले रहे देवता के देवलुओं व स्थानीय लोगों को परेशानी पेश आई।
मेले के शुभारंभ अवसर पर तहसीलदार थुनाग शमशेर सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भाजपा पितांबर लाल ठाकुर, पंचायत प्रधान थुनाग, नीलमा ठाकुर, बीडीसी सदस्य खेमदासी, पखरैर पंचायत प्रधान दीनानाथ, शेर सिंह समेत अनेक लोगों ने भाग लिया। उत्सव में सोमवार से रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जा रहा है। आगामी दो नवंबर को सराज उत्सव का समापन विधायक एवं पूर्व मंत्री जयराम ठाकुर करेंगे।