संतान प्राप्ति की कामना के साथ नवविवाहिताओं ने पसारा आंचल
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। बीस भादो के पावन अवसर पर शनिवार को पवित्र धाम हिमरीगंगा में आस्था और श्रद्धा का अलौकिक संगम देखने को मिला। बीस भादो के पवित्र स्नान के लिए सुबह चार बजे से ही सरोवर के तट पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सूर्योदय के साथ ही पूरा हिमरीगंगा क्षेत्र ‘जय माता दी’ के जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंज उठा। देर शाम तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर माता हिमरीगंगा के मंदिर में पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में नवविवाहित महिलाएं भी हिमरीगंगा पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने सरोवर के पवित्र जल में आंचल पसारकर माता से संतान प्राप्ति, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की मंगल कामना की। वहीं, मन्नत पूरी होने पर कई श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों के साथ माता के दरबार में शीश नवाने पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते पधर-हिमरीगंगा मार्ग पर यातायात का खासा दबाव रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने घटासनी-झटिंगरी-डायनापार्क और कुन्नू-साहल-गरलोग मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू की।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक दर्जन से अधिक सरकारी और निजी बसें तथा सैकड़ों टैक्सी वाहन तैनात किए गए थे। मेला कमेटी अध्यक्ष एवं पंचायत प्रधान अंजना देवी और मंदिर कमेटी अध्यक्ष लेख राम ठाकुर ने बताया कि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।