मंडी/गोहर। जिला के मंदिर और देवालय मां भगवती शैलपुत्री के जयकारों पहले शारदीय नवरात्र पर गूंज उठे। मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ गया। हजारों भक्तों ने अपने अपने देवी देवताओं के मंदिरों में माता दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और सुख शांति की कामना की। जिला की प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता शिकारी देवी मंदिर में दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा।
दोनों देव स्थलों में पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। कमरूघाटी स्थित माता जालपा मंदिर, चैलचौक स्थित देवी चामुंडा, डल स्थित मां दुर्गा, करसोग स्थित मां कामाक्षा, हटगढ़ स्थित मां हाटेश्वरी, राजगढ़ स्थित माता कोयला, किलिंग स्थित मां संतोषी, रिवालसर स्थित मां नैना, सुंदरनगर स्थित देवी महामाया और सुंदरनगर के मुरारी देवी माता मंदिर में भारी संख्या में भक्तों ने देवी दुर्गा के दरबार में शीश नवाया। मंडी शहर के टारना मंदिर में शरद नवरात्रों के पहले दिन भारी भीड़ लगी रही। शहर के प्रसिद्ध भीमाकाली और सिद्धकाली मंदिर भी भक्तों के जयकारों से गूंजयमान रहे। शहर के लोग परिवार सहित मंदिरों में पहुंचे और देवी से आशीर्वाद लिया। करसोग के कामाक्षा मंदिर में नवरात्रों के पहले दिन भक्तों की अपार भीड़ रही। कमरूघाटी के सरोआ स्थित जालपा मंदिर में श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में शिरकत कर देवी भगवती के चरणों में शीश नवाया। जिला प्रशासन ने प्रसिद्ध मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सर्वदेवता कमेटी के प्रधान शिवलाल शर्मा ने बताया कि जिला भर मंदिरों में नवरात्रों के पहले दिन मां शैलपुत्री का गुणगान किया गया।