गोहर (मंडी)। कमरूनाग और शिकारी देवी से मिलन की यात्रा पर निकले सराजघाटी के आराध्य देव शैटीनाग वीरवार को माता शिकारी देवी के साथ मिलन करके जंजैहली पहुंच गए हैं। कारदारों के साथ देवता ने अपनी यात्रा के दौरान बड़ा देव कमरूनाग और शिकारी देवी का आशीर्वाद लिया।
अब अपने मूल स्थान के लिए जंजैहली होकर शैटाधार पहुंचेंगे। पैदल यात्रा के दौरान देवता के रथ उठाने वालों की चारों ओर वाहवाही हो रही है। देवता ने बड़ा देव कमरूनाग को अपने स्थान पर आने का निमंत्रण दिया है। वहीं शिकारी देवी फिर आने का देव शैटीनाग ने वादा किया है। देवता के गूर नागणु राम ने बताया कि देवता यात्रा को पूरा कर लौट गए हैं।