मंडी-रिवालसर-कलखर सड़क के विस्तारीकरण का मामला
अतिरिक्त उपायुक्त ने की विभागों से कार्यों की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पर्यटन की दृष्टि से अहम मंडी-रिवालसर कलखर सड़क के विस्तारीकरण को लेकर जेल रोड में जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड को दो दिन में नुकसान की रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट में बताना होगा कि सड़क के विस्तारीकरण के चलते कितने पाइप टूटेंगे, कितने सीवरेज के चेंबर बदलने होंगे, कितने बिजली के पोल हटाए जाएंगे। इसके एस्टीमेट की रिपोर्ट दो दिन में अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में देनी होगी। ये निर्देश एडीसी रोहित राठौर ने सोमवार को निर्माणाधीन मंडी-रिवालसर-कलखर सड़क के तहत तल्याहड़ से मंडी तक जारी विस्तारीकरण कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस सड़क निर्माण का कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के लिए लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि लोगों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। कहा कि लोक निर्माण विभाग की ओर से चिह्नित क्षेत्र में ही सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। यदि निर्माण कार्य के दौरान लोगों के घरों को जाने वाले रास्ते इत्यादि क्षतिग्रस्त होते हैं तो उन्हें अविलंब दुरुस्त किया जाए। जल शक्ति विभाग को निर्देश देते कहा कि घरों के पेयजल और सीवरेज कनेक्शन की मरम्मत के लिए विभाग त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोगों के घरों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, निर्माण से जुड़ी एजेंसियां यह भी सुनिश्चित करें तथा सड़क निर्माण कार्य के साथ रिस्टोरेशन का कार्य समयबद्ध पूरा किया जाए। बैठक में राज्य विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता आरके सैनी, सहायक अभियंता रोहित गुप्ता व अन्य मौजूद रहे।
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सहयोग मिला तो दिसंबर तक पूरा हो जाएगा काम
हिमाचल प्रदेश रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के अधिशासी अभियंता टशी ज्ञानछो ने बताया कि संबंधित विभाग तय समय पर अपना कार्य पूरा कर देते हैं तो दिसंबर तक मंडी-रिवालसर कलखर सड़क के कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड के अधिकारियों को नुकसान का एस्टीमेट देने के लिए कहा गया है।
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ततीमे कटने के बाद ही होगी अगली कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता डीके वर्मा ने बताया कि जेल से नीचे राजस्व विभाग ने अभी तक भूमि के ततीमे नहीं काटे हैं। ततीमें कटने के बाद ही अतिक्रमण को हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल विभाग ने जमीन की निशानदेही करवा ली है। बैठक में एडीसी ने तहसीलदार को भी जल्द ततीमे काटने के लिए कहा है।