मंडी में विभिन्न संगठनों के लेाग केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रर्दशन
मंडी। केंद्र सरकार के बजट के खिलाफ सीटू से जुड़ी यूनियनों और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन ने बुधवार को मंडी में विरोध रैली निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, महासचिव राजेश शर्मा, गोपेंद्र शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, सुरेश सरवाल, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के राज्य अध्यक्ष जगदीश ठाकुर, जिला अध्यक्ष डीके ठाकुर व सचिव गौतम ने किया।
सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यह बजट मजदूर, कर्मचारी, किसान और आम जनता के खिलाफ है। बजट केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा का बजट 50 फीसदी बढ़ाया जाए। सक्षम आंगनबाड़ी और मिड-डे मील योजना के बजट में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों के काम के घंटे आठ से बढ़ा कर 12 करने जा रही है। न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार ने बजट में बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए हैं।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी के वादे को पूरा करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है। सार्वजनिक क्षेत्र जिसमें बीमा, बैंक रेलवे इत्यादि क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश का प्रावधान करने की योजना बना ली है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं को पूंजीपतियों और विदेशी कंपनियों को बेचने का काम कर रही है।
सीटू नेताओं ने चेताया कि सरकार ने मजदूर विरोधी और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण, श्रम संहिताओं को लागू करने के फैसले को नहीं बदला तो सभी मजदूरों यूनियनें देशव्यापी हड़ताल करेंगी। मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ मार्च के पहले सप्ताह में शिमला में मजदूरों का राज्य स्तरीय प्रदर्शन होगा।