आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने की मांग
सरकाघाट में हुआ सीटू का सम्मेलन
वेतन वृद्धि, नियमितिकरण का मुद्दा भी उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। आउटसोर्स सफाई एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कर्मचारियों ने सरकार से नियमित भर्ती नीति बनाने और ठेका व आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठाई है। सोमवार को सरकाघाट के बचत भवन में सीटू की ओर से आयोजित सम्मेलन में मांगों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन की अध्यक्षता संतोष कुमार, रेखा देवी, अंजना और भुवनेश्वर ने की। सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने सम्मेलन का उद्घाटन किया जबकि गुरदास वर्मा ने समापन किया। सम्मेलन में कर्मचारियों ने न्यूनतम 27 हजार रुपये मासिक वेतन, हिमाचल सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन का प्रत्येक माह सात तारीख से पहले भुगतान करने, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, गर्मी और सर्दी के लिए अलग-अलग दो-दो सेट वर्दी, सुरक्षा उपकरण, दस्ताने, रेनकोट, जूते और वर्दी धुलाई भत्ता देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा बीमारी या कार्यस्थल पर घायल होने की स्थिति में सवेतन अवकाश, बोनस, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कर्मचारियों को समय पर वेतन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की गई।
सम्मेलन को निर्माण मजदूर यूनियन की सत्या देवी, सोहन सिंह, मोहन सिंह और मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान बिमला देवी ने भी संबोधित किया और कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए भविष्य के आंदोलनों में सहयोग का भरोसा दिलाया।
15 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन
सम्मेलन में 15 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन भी किया गया। इसमें संतोष कुमार को प्रधान, कंचन गुलेरिया, रेखा देवी और भुवनेश्वर को उपप्रधान, मोहन सिंह को सचिव, शन्नी ठाकुर को सहसचिव जबकि अंजना को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा लाभ सिंह, रामलाल, अमृतलाल, विशाल, अनिल, अमित कुमार, मितलेश, सविता, कैलासी, कुंता और सुमना देवी को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।