हर तरफ दिखा कीचड़, अपने घरों और दुकानों की हालत देखकर परेशान हैं ग्रामीण
पानी के साथ आए मलबे ने तहस नहस कर दिया है सामान
केयू हाइड्रो विद्युत परियोजना की टनल से पानी के रिसाव से हुआ है नुकसान
डिजिटल पर न चलाएं...
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोट/मुल्थान (मंडी)। मुल्थान स्थित केयू हाइड्रो विद्युत परियोजना की टनल से पानी के रिसाव के साथ आए मलबे से घरों और दुकानों में हुए नुकसान का मंजर अब साफ दिखने लगा है। घटना के चौथे दिन सोमवार को मुल्थान बाजार की सड़क से मलबा हटने के साथ ही दुकानों के शटर और घरों के दरवाजे खुले तो इस पूरी त्रासदी के जख्म देखने को मिले।
पानी के साथ आए मलबे ने घरों के अंदर रखे सामान को तहस नहस कर दिया है। जबकि सामान बिखर चुका है। अपने घरों और दुकानों की हालात देखकर ग्रामीण परेशान हैं। अंदर हर तरफ कई फीट मलबा पड़ा हुआ है। ऐसे में नम आंखों के साथ लोग इन्हें दुरुस्त करने में लगे हुए हैं। बाजार में खुले में रखा सामान मलबे में दब चुका है। जिसे हटाकर इन्हें निकालने का काम चल रहा है। सड़क पर कई फीट मलबा बिखरा होने से कई दुकानों और घरों के दरवाजे नहीं खुल पाए थे, जो कि सोमवार को खुले। यहां हालात इस कद्र खराब हैं कि मलबा हटाने के बाद साफ तौर पर पता चलेगा कि मकान को कितनी क्षति पहुंची है।
उधर, कंपनी प्रबंधन नुकसान का ही जायजा ले रहा है, जबकि घटना के चार दिन बीत जाने पर भी राहत राशि नहीं मिल पाई है। प्रभावितों में अछरी, रमिला, कांता, अशोक, लाल चंद और मनोज ने कहा कि वे अपने परिवार सहित प्रशासन की ओर बुक करवाए गए होटल में ही रह रहे हैं। इस त्रासदी में उनका सब कुछ खत्म हो गया है। हालात यह है कि तन ढकने के लिए कपड़े भी रिश्तेदारों से लिए हैं। करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। प्रशासन की तरफ से 44 परिवारों फौरी राहत मिली है। कहा कि कंपनी प्रबंधन उन्हें हुए नुकसान की भरपाई तुरंत करें।
वहीं, परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर देवी सिंह चौहान ने बताया कि मलबा हटाने को मशीनें लगी हुई हैं। कंपनी सभी घरों व दुकानों में हुए नुकसान का जायजा ले रही है। नुकसान की भरपाई कंपनी करेगी।
मुल्थान गांव में मलबे में दबे सामान को निकालते हुए लोग। संवाद
मुल्थान गांव में मलबे में दबे सामान को निकालते हुए लोग। संवाद
मुल्थान गांव में मलबे में दबे सामान को निकालते हुए लोग। संवाद
मुल्थान गांव में मलबे में दबे सामान को निकालते हुए लोग। संवाद