सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर में उपचाराधीन मरीज।
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सरकाघाट/धर्मपुर। उपमंडल के सज्याओपिपलू के जोढन गांव में दर्जनों ग्रामीण आंत्रशोथ की चपेट में आ गए हैं। उल्टी-दस्त के साथ लोग पेट दर्द होने की बात कह रहे हैं। कई लोगों को सरकाघाट व धर्मपुर अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया।
अचानक लोगों के उल्टी-दस्त की चपेट में आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आंत्रशोथ की चपेट में आई अंजना कुमारी, अंजू बाला, प्रजा देवी, रोशनी देवी, जोगिंद्रा देवी, पूजा सहित अन्य ने बताया कि उन्हें पेट दर्द, उल्टी-दस्त होने के कारण अस्पताल जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि उपरोक्त गांव को हुक्कल उठाऊ पेयजल योजना से पानी सप्लाई होता है। लगभग 30 साल इस पुरानी योजना की पाइपें कई जगह से टूटी हैं लेकिन आईपीएच विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पंचायत के प्रधान कमलेश कुमार ने कहा कि आईपीएच विभाग से हुक्कल योजना की मरम्मत करने की मांग उठाई जाएगी।
उधर, ग्राम विकास समिति के सदस्य ओमप्रकाश, प्रभदयाल, हजारी लाल, देवी सिंह और रत्न चंद आदि का कहना है कि पेयजल स्कीम का पानी कभी कभार आता है। साथ में मटमैला भी होता है। जिसके चलते लोगों को बावड़ियों का पानी उपयोग करना पड़ता है। खुले स्रोत होने के कारण बरसात में दूषित जल भी मिल जाता है जिसकी वजह से जलजनित रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। जलजनित रोगों की रोकथाम और प्राकृतिक स्रोतों की क्लोरीनेशन के प्रशासन के दावे खोखले हैं। नागरिक अस्पताल सरकाघाट के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. पीएल वर्मा ने कहा कि जोढन गांव से उल्टी-दस्त के मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। उधर, धर्मपुर सीएचसी के मेडिकल अफसर जोढन गांव के सात लोग पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत लेकर आये थे। जिन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। आईपीएच के अधिशाषी अभियंता राजेश कानूनगो ने कहा कि सभी फील्ड कर्मचारियों को पानी के टैंकों में क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की जांच की जाएगी।
कोट्स
इस बारे में बीएमओ संधोल डा. देशराज ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की टीम जोढन गांव भेजी जाएगी।