जोगिंद्रनगर में मंडी- पठानकोट हाईवे से सटी ढेलू मुहाल की पहाड़ी पर रिहायशी मकान और भूमि कटाव को
जोगिंद्रनगर/चौंतड़ा (मंडी)। जोगिंद्रनगर उपमंडल के राजस्व विभाग के ढेलू मुहाल में बहुमंजिला इमारतें खतरे की जद में आ गई हैं। यहां तिरपाल लगाकर रिहायशी मकानों को बचाने के प्रयास जारी हैं। शहरी क्षेत्र से सटी ढेलू पंचायत की पहाड़ी में बारिश से हो रहे भूमि के कटाव से लोगों में दहशत का माहौल है।
यहां पर चल रहे रास्ते व अन्य निर्माण कार्य के लिए पहाड़ी पर की गई कटाई से भूस्खलन की आशंका पर एहतियातन परिवारों ने चौकसी बढ़ा रखी है। इस मानसून सीजन में हुई तेज बारिश से ढेलू के समीप एक निर्माणाधीन डंगा भी भरभरा कर गिर गया था। अब मंडी-पठानकोट हाईवे से सटे ढेलू मुहाल की पहाड़ी में भी भूमि कटाव से कुछ मकान खतरे की जद में आए हैं। हालांकि यहां पर भूमि धंसने की कोई भी शिकायत राजस्व विभाग के समक्ष नहीं पहुंची है। क्षेत्रीय पटवारी ने भी यहां पर निरीक्षण कर रिपोर्ट स्थानीय प्रशासन को सौंपी है।
बता दें कि जोगिंद्रनगर के पातकू के समीप भी जमीन धंसने से मंडी-पठानकोट हाईवे को खतरा पहुंचा है। वहीं, डकबगड़ा के समीप भी पहाड़ों पर पेड़ों का झुकाव बढ़ जाने से भूस्खलन की संभावनाएं अभी भी प्रबल है। इधर हराबाग के नागचला में भी लगातार पहाड़ी दरकने से लोगों में दहशत का माहौल है।
जोगिंद्रनगर उपमंडल में भूस्खलन से संभावित क्षेत्रों पर प्रशासन की पैनी नजर है। राजस्व विभाग की टीमें ऐसे क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है, जहां पर जमीन धंसने की संभावनाएं प्रबल हैं। ढेलू मुहाल की जिस पहाड़ी में भूस्खलन की संभावनाएं जताई जा रही है, वहां का निरीक्षण कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. अनिल मुकुल शर्मा, तहसीलदार जोगिंद्रनगर