फोटो-मंडी पठानकोट हाईवे पर तलकेहड़ और पस्सल पंचायत में बंद पड़ी निकासी नालियों और कलवर्टर को बहाल
हाईवे से सटी तलकेहड़ और पस्सल पंचायत में तेज बारिश से हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चौंतड़ा (मंडी)। मंडी–पठानकोट हाईवे पर बंद पड़े कलवर्ट अब रिहायशी इलाकों के लिए खतरे का कारण बनने लगे हैं। हाईवे से सटी तलकेहड़ और पस्सल पंचायत में वीरवार आधी रात हुई तेज बारिश के बाद जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। तीन घरों में पानी और मलबा घुस गया। वार्ड नंबर 7 मचकेहड़ में भी बारिश के पानी के साथ गंदगी घरों तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर गुजारी।
शुक्रवार को प्रभावित परिवारों में शामिल माया देवी, आरती और बिमला ने बताया कि उनके घरों में घुसे पानी और मलबे से फर्नीचर सहित कीमती सामान को नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों से बंद पड़े कलवर्ट के कारण बारिश का पानी सीधे रिहायशी क्षेत्रों में घुस रहा है, जिससे लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने खुद गैंती-बेलचा लेकर कलवर्ट को खोलने का प्रयास किया, लेकिन भारी मलबा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
प्रभावित लोगों ने स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं, एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि एनएचएआई को समस्या के समाधान के लिए दोबारा निर्देश दिए जाएंगे।
तलकेहड़ पंचायत की प्रधान शूचिका ने कहा कि प्रशासन समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण हाईवे जाम करने को मजबूर होंगे। स्थानीय निवासी माया देवी ने बताया कि आधी रात की बारिश से घरों में मलबा और पानी घुसने से आर्थिक नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि बंद कलवर्ट और अवरुद्ध नालियों के कारण कई परिवार लगातार प्रभावित हो रहे हैं। आरती शर्मा ने कहा कि मानसून में हर तेज बारिश के बाद हाईवे पर जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है और परिवार भय के माहौल में रात गुजारते हैं। विमला वर्मा ने प्रशासन से मांग की कि बंद पड़े कलवर्ट को जल्द चालू किया जाए, ताकि मानसून में होने वाली इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके।