मंडी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की चौथी सांस्कृतिक संध्या में पार्श्व गायक शालमली खोलगड़े ने बाॅलीवुड गीतों से खूब धमाल मचाया। हिमाचल के प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र ठाकुर ने पहाड़ी नाटियों व अनुज शर्मा ने फिल्मी तरानों पर दर्शकों को खूब नचाया। प्रदेश और स्थानीय कलाकारों ने भी रंगारंग प्रस्तुतियों से समां बांधा। चौथी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने किया। इस मौके पर सीपीएस सोहन लाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आगाज सूरजमणि द्वारा शहनाई की मंगल ध्वनि से किया गया। पार्श्व गायक शालमली खोलगड़े ने 8:50 बजे मंच संभाला। शालमली ने ..मैं परेशां परेशां परेशां गाने स्टार नाइट का आगाज किया। इसके बाद उन्होंने हुई मैं हुई शायराना, इक कुड़ी जिदा नाम मोहब्बत, जग घुमया थारे जैसा न कोई, अगर तुम साथ हो, मैं तैंनू समझावां की, रे कबीरा मान जा, बैंग बैंग, आंखों को तेरी आदत, यारो दो घुट नशे के मारो, बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी, बेबी को बेस पंसद है, लत लग गई, दारू देशी, अगा बाई, बेशर्मी की हाइट, शनिवार राती, गानों पर धमाल मचाया। हिमाचल के लोक गायक नरेंद्र ठाकुर ने नौं देखे तू भूलदी म्हारा, ओ रीनू तेरी चिट्ठी पतरी आई ना, बोतला फूटी हाय रे नातिया बोतला फूटी, रोक भाभिये रोक भाभिये नाटियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
कांगड़ा के अनुज शर्मा ने रंग दे तू मोहे गेरूआं, पूरा लंदन ठुमकदा, इश्क तेरा तड़पावे, मुझसे शादी करोगी, साड़े नाल रहोगे ते ऐश करोगे, मैं तो ऐंवे ऐंवे ही लुट गया, दमादम मस्त कलंदर गाने पर दर्शकों को खूब झुमाया। सोलन के एसजे डासिंग ग्रुप ने शिव कैलाशों के वासी गाने पर शानदार प्रस्तुति दी। लोक गायक भूपेंद्र सिंह ने लाल चीडिय़े सेरी न जाना सेरी न जाना, कमल राज ने मोहम्मद रफी के गीत देखा है तेरी आंखों में प्यार ही प्यार बेशुमार से समां बांधा।
अकेडमी ऑफ आर्ट के कलाकार विशाल ने अफगान जलेबी माशूक फरेबी दिल है तेरा दीवाना गाने पर खूब तालियां बटोरी। निशांत शर्मा तेरी दीवानी तेरी दीवानी, अभिषेक पटियाल ने ओ मेरे लुक ते मरदी सी मैं उदे लक ते मरदा सी, दम गुटकु दम गुटकु, विनोद रांटा ने सेला लगा दे कंबल बबली प्यारिए, सेला लगा दे कंबल, झुमकू वालिये गाना प्रस्तुत किया। इस मौके के जिला परिषद अध्यक्ष चंपा ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक शर्मा, उपायुक्त संदीप कदम, एडीसी हरीकेश मीणा, एडीएम विवेक चंदेल आदि मौजूद थे।