फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्नी के हत्यारे को उम्र कैद और 20 हजार जुर्माना

Sat, 18 Jun 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
विज्ञापन
विज्ञापन
 पत्नी की हत्या के दोषी पति को अदालत ने उम्र कैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। हत्या की वारदात के सबूत मिटाने पर सह अभियुक्त को भी अदालत ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एक) पुने राम के न्यायालय ने करसोग तहसील के न्यारा गांव में रह रहे नेपाल के गौरी (देलग) निवासी प्रकाश चंद पुत्र भगत राम के खिलाफ धारा 302 और 201 के तहत अभियोग साबित होने पर क्रमश: उम्र कैद और तीन साल की कारावास व दस-दस हजार रुपए जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।
विज्ञापन


आरोपी के जुर्माना राशि को निश्चित समय में अदा न करने पर क्रमश: तीन साल कठोर और तीन माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। ये सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले के सह अभियुक्त और मुख्य आरोपी के भाई भीम सिंह के खिलाफ भादसं की धारा 201 के तहत सबूतों को मिटाने की कोशिश करने का अभियोग साबित होने पर 2 साल की कठोर कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माना और समय पर जुर्माना अदा न करने पर तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार 28 मई, 2014 को शिकायतकर्ता महेंद्र सिंह ने करसोग थाना को फोन पर बताया कि वह न्यारा गांव में प्रकाश चिकन हाउस के बाहर खड़ा है। इस दौरान आरोपी प्रकाश चंद व भीम सिंह शिकायतकर्ता के वाहन में एक बोरी रख रहे थे। उसने जब बोरी में डाले गए सामान के बारे में पूछा तो दोनों बोरी उठाकर चिकन हाउस में ले गए। प्रकाश चंद ने चिकन हाउस का शटर बंद कर दिया। जबकि भीम सिंह मौके से फरार हो गया।
विज्ञापन


महेन्द्र सिंह ने बताया कि इस बोरी में लाश या कोई संदिग्ध वस्तु हो सकती है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस दल मौका पर पहुंचा और चिकन हाउस का शटर खुलवाया तो वहां पड़ी एक बोरी में प्रकाश चंद की पत्नी नर्बदा की लाश बरामद हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था।

अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए उप जिला न्यायवादी शशी कांत और नवीन चंद्र ने 17 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोपियों के खिलाफ अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपियों के खिलाफ हत्या करने और मामले के सबूतों को नष्ट करने के प्रयास का अभियोग साबित हुआ है। इस कारण अदालत ने आरोपियों को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें