चरस के साथ पकड़े जाने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक दोषी को तीन साल कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार की विशेष अदालत (तीन) ने जिला बिलासपुर की घुमारवीं तहसील के घुमाणी (कंदरौर) निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ बिट्टू के खिलाफ मादक एवं नशीले पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 जनवरी, 2011 को पंडोह चौकी पुलिस का दल मुख्य आरक्षी कृष्ण कुमार की अगुवाई में राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर कैंची मोड़ के पास नाकेबंदी के लिए तैनात था। इस दौरान राजमार्ग पर औट की ओर से पंडोह की ओर पैदल आ रहे एक व्यक्ति ने पुलिस को देखकर पीछे की ओर भागने की कोशिश की। पुलिस ने संदेह के आधार पर उक्त व्यक्ति को काबू कर उसकी तलाशी ली। इस दौरान आरोपी से दाहिने पांव में पहनी जुराब में प्लास्टिक के लिफाफे से 200 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए उप जिला न्यायवादी अजय ठाकुर ने आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी पर चरस बरामदगी का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इस कारण अदालत ने आरोपी से बरामद चरस की मात्रा व्यावसायिक मात्रा से कम और लघु मात्रा से ज्यादा होने के कारण उसे उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।