मंडी जिला में 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बड़ा देव कमरूनाग मंदिर में भारी बर्फबारी के बीच छह युवक भूखे-प्यासे घंटों फंसे रहे। शनिवार को कमरूनाग मंदिर कमेटी के पदाधिकारी देव स्थल का निरीक्षण करने अचानक जब मंदिर पहुंचे, तब जाकर देवता के कारदारों ने मंदिर परिसर में ठिठुर रहे सभी छह युवकों को बचा लिया।
ठंड से कांप रहे युवक मंदिर कमेटी से आग और खाना मांग रहे थे। इन युवकों में दो नाबालिग भी बताए जा रहे हैं। कमरूनाग देवता के कटवाल रणजीत सिंह ठाकुर ने शनिवार को कमरूनाग मंदिर में फंसे सुंदरनगर के छह युवकों की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने सराय खोलने के बाद अलाव जलाकर और गर्म पानी से उनके शरीर को गर्म किया। इसके बाद सभी युवाओं को खाना खिलाकर सुरक्षित रोहांडा कस्बे के रास्ते वापस भेज दिया। रणजीत सिंह ने बताया कि अगर मंदिर कमेटी के लोग शनिवार को देवता की झील और मंदिर का निरीक्षण करने कमरूनाग नहीं पहुंचते तो युवकों की जान भी जा सकती थी।
उधर मंदिर कमेटी कमरूनाग ने फरमान जारी किया है कि करीब दो माह तक श्रद्धालु और पर्यटक कमरूनाग मंदिर में न आएं। रणजीत सिंह ठाकुर ने कहा है कि अगर कोई श्रद्धालु और पर्यटक अपनी जिद से मंदिर आता है तो वह ओढ़ने, सोने और खाने का सामान अपने साथ लाएं।
मंदिर कमेटी ने स्कूल-कांलेज और अन्य शिक्षण प्रशिक्षण संस्थानों के संचालकों से आग्रह किया है कि वे छात्रों को बर्फबारी में धार्मिक स्थल कमरूनाग की ओर जाने से रोक दें। एसडीएम गोहर राघव शर्मा ने क्षेत्र के लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि कमरूनाग मंदिर में बर्फबारी में जाने वाले लोगों की सूचना प्रशासन को तुरंत दें। बर्फबारी में दो माह के लिए कमरूनाग और शिकारी देवी मंदिर कपाट बंद कर दिए गए हैं।
उधर, शिकारी देवी मंदिर कमेटी के चेयरमैन एसडीएम जंजैहली अश्वनी कुमार ने सराजघाटी के लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति शिकारी देवी पहाड़ी की ओर जाता दिखता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दें।