शिवरात्रि महोत्सव-2016 में पहली बार श्रीलंका की लोक संस्कृति की झलक दिखेगी। महोत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं में श्रीलंका का लोक सांस्कृतिक दल कार्यक्रम पेश करेगा। इसके लिए आईसीसीआर ने स्वीकृति दे दी है। पूर्व में भी कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लोक संस्कृति दल अपनी प्रस्तुति शिवरात्रि महोत्सव में दे चुके हैं।
महोत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं में अंतरराष्ट्रीय लोक संस्कृति के प्रदर्शन को लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम की उपसमिति ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) को आवेदन किया है। इस पर आईसीसीआर ने श्रीलंका के लोक सांस्कृतिक दल को महोत्सव में अपने देश की संस्कृति प्रदर्शन करने के लिए अनुमति दे दी है।
शिवरात्रि महोत्सव 2014 में थाईलैंड के लोक संस्कृति दल ने अपनी प्रस्तुति दी थी। उधर, एडीसी मंडी व शिवरात्रि महोत्सव की सांस्कृतिक कार्यक्रम उपसमिति के संयोजक ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय लोक संस्कृति दल के लिए आईसीसीआर को आवेदन किया था। आईसीसीआर ने श्रीलंका के लोक संस्कृति दल को स्वीकृति दे दी है।
शिवरात्रि महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में श्रीलंका के अलावा अन्य देशों के सांस्कृतिक दल को स्वीकृति मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। वर्तमान में आईसीसीआर से केवल श्रीलंका के ही सांस्कृतिक दल को स्वीकृति मिली है। अन्य देशों के सांस्कृतिक दल को स्वीकृति मिलना बाकी है।