सर्राफा स्वर्णकार वेल्फेयर एसोसिएशन की एक बैठक बुधवार को मंडी में हुई। इसमें केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए एक्साइज ड्यूटी पर विचार विमर्श किया गया। एक्साइज ड्यूटी के विरोध में बुधवार को सर्राफा बाजार पूरी तरह बंद रहा। बैठक में सरकार द्वारा थोपी गई एक्साइज ड्यूटी का विरोध किया गया।
सर्राफा स्वर्णकार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान आशुतोष पाल ने बताया कि वित्त मंत्रालय की ओर से एक्साइज ड्यूटी में माल को सील करने व दुकान को ताला लगाने की शक्ति दी गई है, टैक्स ऑफिसर की बात न मानने पर तीन माह की सजा और उनसे बदतमीजी करने पर तीन माह की कैद व जुर्माना का प्रावधान किया गया है।
इस कानून में दुकान मालिक की जमीन जायदाद को जब्त करने की पावर दी गई है। कारीगर को एक्साइज का हिसाब किताब रखना पड़ेगा जोकि समस्या को और बढ़ावा देगा। दो लाख से अधिक जेवरात खरीदने पर पैन नंबर व टीडीएस ग्राहक को देना होगा शामिल है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में यूपीए सरकार द्वारा इस कानून को लाने की कोशिश की गई थी जिसका स्वर्णकारों ने पुरजोर विरोध किया था। बाद में कानून को यूपीए सरकार ने वापस ले लिया था। एसोसिएशन के प्रधान आशुतोष ने कहा कि स्वर्णकार टैक्स के खिलाफ नहीं है, लेकिन इंस्पेक्टरी राज भी मंजूर नहीं है। एसोसिएशन ने इंस्पेक्टरी राज का विरोध जताया है।
इस मौके पर गौरव चौपड़ा, सर्वसुखपाल, महेश पुरी, जितेंद्र पुरी, भास्कर चोपड़ा, राजा सिंह, संत सिंह, संजय सोनी, भगवंत सिंह, राजेश, रत्न सिंह, विकास शेखरी, मनोज शेखरी, राजा मल्होत्रा, प्रिंस, अतुल चड्ढा, अशोक, राजिंद्र, चेतन सोनी, नवतेज सिंह मनचंदा, सचिन, विपिन सोनी, गुरदीप सिंह, राकेश चड्ढा व अन्य मौजूद थे।