मंडी। नगर परिषद मंडी ने शहर में नए सिरे से हाउस टैक्स वसूलने की तैयार कर ली है। अब नप के अधीन आने वाले क्षेत्रों में जोन व क्लास वाइज हाउस टैक्स लगेगा। इसके लिए नगर परिषद ने एक निजी कंपनी को सर्वे का काम सौंप दिया है। जल्द कंपनी मंडी शहर में सर्वे कार्य शुरू करेगी।
नगर परिषद द्वारा निर्धारित जोन व क्लास के लिए अलग-अलग हाउस टैक्स होगा। जोन में एरिया वैल्यू और क्लास में मकान की स्थिति देखी जाएगी। इन सभी चीजों को जांचने के लिए नगर परिषद द्वारा अधिकृत कंपनी की टीम मंडी शहर के हर घर में पहुंचेगी और जांच परख करेगी। इसके बाद मकान को किस क्लास में रखा जाएगा, इसके बारे में तय किया जाएगा। क्लास ए, बी, सी की अलग-अलग श्रेणियों से वसूले जाने वाले हाउस टैक्स का निर्णय नप के हाउस में लिया जाएगा। हाउस से स्वीकृत रेट के अनुसार ही क्लास व जोन पर टैक्स वसूला जाएगा।
हाउस टैक्स में उपभोक्ता के दो बिंदु अहम माने जाएंगे और इसी पर टैक्स भी लगेगा। उपभोक्ता किस जोन में रहता है और उसका मकान किस क्लास का है। नप उपभोक्ता को हाउस टैक्स के लिए एक फार्म उपलब्ध करवाएगी। इसमें उपभोक्ता सेल्फ एस्मेट करके नप को अपने मकान का एरिया बताएगा ताकि उपभोक्ता मकान की पैमाइश को लेकर संतुष्ट हो सके। वर्तमान में नगर परिषद साढ़े 12 प्रतिशत के हिसाब से हाउस टैक्स वसूल रही है।
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क्या है जोन और क्लास
नप द्वारा मंडी शहर के अलग-अलग हिस्सों को एरिया वैल्यू के अनुसार जोन में रखा जाएगा, जबकि क्लास में वर्तमान मकान की स्थिति को लिया जाएगा। ए श्रेणी मकान में टाइल्स, मार्बल व अन्य सभी प्रकार की सुविधाओं को रखा जाएगा। वहीं, बी क्लास में सामान्य मकान, जिनमें फर्श में साधारण सीमेंट व अन्य सुविधाएं हैं। इसी प्रकार सी श्रेणी में ऐसे मकान शामिल होंगे, जो बिलकुल सामान्य सुविधा के साथ हैं।
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किरायेदार रखने पर नहीं लगेगा कमर्शियल टैक्स
नए हाउस टैक्स के तहत किरायेदार रखने वाले मकान मालिकों को कर्मिशयल टैक्स नहीं लगेगा। कमर्शियल श्रेणी में सिर्फ अस्पताल, दुकान, व्यवसायिक संस्थान व अन्य को शामिल किया जाएगा। जबकि वर्तमान में किरायेदार रखने पर कमर्शियल टैक्स वसूला जाता है।
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नप और उपभोक्ताओं को होगा फायदा
नगर परिषद मंडी के अधीन आने वाले क्षेत्रों में नए सिरे से जोन व क्लास वाइज हाउस टैक्स वसूलने की योजना है। हाउस टैक्स के लिए एक कंपनी को सर्वे कार्य का ठेका दिया गया है। इस प्रणाली के तहत हाउस टैक्स लगने पर उपभोक्ता समेत नप को फायदा होगा।
-उर्वशी वालिया, कार्यकारी अधिकारी नप मंडी।