सड़क दुर्घटना का आरोप साबित न होने पर अदालत ने आरोपी चालक को बरी करने का फैसला सुनाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर एक विवेक खनाल के न्यायालय ने आरोपी कमल दास के खिलाफ भादंसं की धारा 279, 337 और 338 के तहत चलाए गए अभियोग के साबित न होने पर उसे बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 14 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए गए थे। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता राहुल पालसरा का कहना था कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों ने विरोधाभासी बयान दिए हैं। इससे आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित नहीं होता।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी चालक के खिलाफ संदेह की छाया से दूर सड़क दुर्घटना का यह अभियोग साबित नहीं हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को इस अभियोग से बरी करने का फैसला सुनाया है।