बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच करवाई जाए
परिजनों ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। तुंगल क्षेत्र के रापेडू निवासी हंस राज पुत्र हरि राम ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक मंडी से अपनी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। महिला मंडल एवं पंचायत सदस्यों के माध्यम से उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा कि 21 सितंबर को पुलिस की ओर से लिए गए उनके बयान को एफआईआर में पूरी तरह से नहीं लिखा गया। इसे दोबारा लिखे जाने की जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन 20 सितंबर को वे विद्युत उपमंडल सलापड़ में ड्यूटी पर था। शाम करीब सवा छह बजे छोटी बेटी सुनीता ने सूचना दी कि जब वह कोटली से घर वापस आ रही थी तो पौने पांच बजे के करीब उसकी बात बड़ी बहन ऋतु देवी से हुई। उसने अपनी मां से बात करवाने को कहा। घर पहुंचने पर जब उसने अपनी मां को इस बारे बताया और उनके फोन पर देखा तो ऋतु की 5 कालें दर्शाई गई थी। उसके बाद उसने ऋतु से बात करनी चाही, लेकिन उससे बात ससुराल पक्ष ने मायके वालों की बात नहीं करवाई। और बार-बार फोन काटा जा रहा था। छोटी बेटी ने दोबारा फोन पर मुझे सूचित किया कि आप स्वयं ऋतु से बात करें। जब उन्होंने शाम साढ़े छह बजे के करीब फोन किया तो ऋतु का फोन दामाद की मॉसी ने उठाया। और बताया कि उनकी बेटी ऋतु को सांप ने काट लिया है। और कोटली अस्पताल पहुंचने की बात कह कर फोन काट दिया। आनन-फानन में हंस राज ने मंडी के लिए गाड़ी पकड़ी। शाम करीब सात बजे दामाद राज कुमार ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि सांप के काटने से ऋतु की मौत हो गई है। जब हंस राज के रिश्तेदार कोटली अस्पताल पहुंचे तो ससुराल पक्ष के लोग वहां तैनात डॉक्टर से बहस करने लगे कि ऋतु की मौत सांप के काटने से हुई है। अब इसे घर ले जाना चाहते हैं, जबकि डॉक्टर ने स्पष्ट कर दिया था कि ऋतु की मौत सांप के काटने से नहीं हुई है। उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। ससुराल पक्ष किसी तरह की कानूनी कार्रवाई एवं जांच न करवाने की जिद्द करते हुए चिकित्सक पर बार-बार शव को घर ले जाने का दबाव बना रहे थे। हंस राज ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनकी बेटी को मारा गया है। इसलिए उनकी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।