सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर के ढोढवां स्थित निशुल्क शिक्षा से संबंधित निजी शिक्षा वार्ता संस्थान प्रबंधन युवकों से ठगी कर भाग गया है। इस संस्थान में ताला लटका हुआ है। 15 हजार मासिक वेतन का भुगतान किए बिना ही अधिकारी सामान तक ले उड़े। यही नहीं संस्थान प्रबंधन ने युवाओं से साक्षात्कार के दौरान प्रति अभ्यर्थी 2500 रुपये की राशि सिक्योरिटी और फार्म के उगाहे हैं। इसके बाद बाकायदा प्रति नियुक्ति पत्र और आई कार्ड भी जारी किए हैं। इसके बाद इन्हें फील्ड में ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों और स्लम क्षेत्र में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए नियुक्त किया। इसके अलावा एक प्रेस कार्ड जारी करते हुए इन्हें शिक्षा से संबंधित साप्ताहिक पत्रिका के नाम पर एक्रिडिशन देने का झांसा भी दिया है।
अब बंद आफिस देख कमिर्यों के साथ फील्ड स्टाफ के होश उड़ गए हैं। यहां कार्यरत कर्मियों और स्टाफ ने पुलिस प्रबंधन और प्रशासन से मामले की शिकायत कर जांच की मांग की है। हैरानी की बात है कि निशुल्क शिक्षा से संबंधित संस्थान ने शिक्षा विभाग, पंचायतों, एसडीएम सुंदरनगर सहित नगर परिषद की अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी के साथ योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए प्रोग्राम देने पर सामूहिक चित्र भी लिए हुए हैं। जिसके आधार पर अधिकारियों के अपने संबंध दर्शा कर बेरोजगार युवाओं के छल किया है।
इस संबंध में स्टाफ में ओम प्रकाश, सुनिता देवी, मुरारी लाल, गगन शर्मा, कृष्णा देवी, धर्मी देवी, माया देवी, मोनिका, कुसुम ठाकुर, विशाल चंदेल, हेम राज, मस्त राम और खूबे राम ने कहा कि संस्थान प्रबंधन उन्हें वेतन देने के लिए आज कल करता रहा और दिल्ली से फंड रिलीज होने की आड़ लेकर ऐसे ही 3 माह से अधिक समय हो गया। अब ऑफिस बंद पाया गया। भवन मालिक से पता करने का प्रयास भी किया। इस संबंध में उन्होंने डीएसपी सुंदरनगर को शिकायत कर पुलिस से जांच पड़ताल करने की मांग की है। डीएसपी तरनजीत सिंह ने कहा कि इस संबंध में प्रारंभिक दृष्टि से कुछ कहा नहीं जा सकता है। इस मामले में दस्तावेजों की जांच की जाएगी।