गोहर (मंडी)। कुल्लू के साथ जुड़े सराज और नाचन क्षेत्र चरस तस्करी का गढ़ बनने लगे हैं। यहां अफीम और चरस की खेती के कई मामले सामने आ चुके हैं। वहीं सराज में एक लाख नकली नोट एक सूट बूट वाले मजदूर से मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस पूछताछ में आरोपी बड़ी सफाई से यह कहकर बचने की कोशिश कर रहा है कि उसे लावारिस नोट मिले हैं। लेकिन, सीएम के गृह क्षेत्र में पकड़े गए नकली नोट को लेकर आरोपी की गढ़ी जा रही कहानी पुलिस पूछताछ में आरोपी का कबूलनामा के बाद हजम नहीं हो पा रही है। वहीं, सूट बूट के साथ मजदूर का मजदूरी करना भी संदेह पैदा कर रहा है। उधर, मंडी जिला की जंजैहली घाटी में पकड़ी गई एक लाख के नकली नोटों की खेप के बाद जिला का पुलिस तंत्र हरकत में आ गया है। सराज में पिछले कई वर्षों से चरस माफिया सक्रिय है जिससे इस प्रकरण को चरस माफिया से भी जोड़ा जा रहा है। 1 लाख मलाणा जैसी जगह पर मिलना पुलिस भी पचा नहीं पा रही है। हालांकि, आरोपी से पुलिस पूछताछ जारी है। अभी तक आरोपी ने यही कबूल किया है कि उसे मलाणा में 1 लाख के नोट वीरान पड़े मिले हैं। आरोपी थुनाग तहसील की जैंसला पंचायत के रूहणू गांव का रहने वाला है। जिसने अपना काम मजदूरी करना बताया है। सवाल उठता है कि मलाणा में वह मजदूरी करने गया और उसे वहां मजदूरी के पैसे नहीं मिले और वीरान पड़े 1 लाख के नकली नोट मिले। यह बात किसी को भी पच नहीं रही है। यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि नकली नोटों के साथ पकड़ा गया आरोपी कहीं चरस लेकर मलाणा तो नहीं गया था। जहां उसे चरस माफिया ने नकली नोट थमा दिए हों। सराज में एनडीपीएस के अनेक मामले पुलिस ने पकड़े हैं। जिससे चरस माफिया की ओर इस प्रकरण के जुड़ने की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में गोहर पुलिस ने बस्सी में अफीम की खेती भी पकड़ी है। एसएचओ गोहर अशोक वालिया ने बताया कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच को बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।