पवित्र ग्रंथों की बेअदबी मामले में आयोग ने दर्ज किए बयान
मामले में कोताही बरतने वाले अधिकारियों की भी की जाएगी रिपोर्टतैयार
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर।
राज्य में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को लेकर दर्ज मामलों की जांच के लिए पूर्व जस्टिस रणजीत सिंह के नेतृत्व में बनाए आयोग की तरफ से मालेरकोटला में पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मामले की जांच के लिए बयान कलमबद्ध किए गए।
जस्टिस (पूर्व) रणजीत सिंह ने मालेरकोटला में पत्रकारों से बातचीतमें कहा कि 24 जून 2016 को पवित्र कुरान शरीफ की बेअदबी हुई थी, उस जगह का वीरवार को दौरा किया और मामले संबंधी मुंशी मोहम्मद अशरफ, जामा मस्जिद के इमाम मोलवी अब्दुलसत्तार, मोहम्मद जावेद के बयान कलमबद्ध किए। उन्होंने कहा कि मालेरकोटला के आसपास 2017 से पहले की जो इस तरह की घटनाएं घटी हैं, उनकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह अफवाह फैलाई जा रही है कि आयोग ने आम आदमी पार्टी के विधायक को नहीं बुलाया, जब इस मामले में कोई आरोपी होता है तो उसे बुलाया जाता है यदि आप विधायक अपना पक्ष रखना चाहते हैं तो वह अपना बयान आयोग के पास दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में 122 से अधिक धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाएं सामने आई, जिसपर तकरीबन अस्सी प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। जिन मामलों में जांच सही नहीं की गई और अधिकारियों की तरफ से कोताही बरती गई है उस संबंध में रिपोर्ट तैयार की जाएगी और कार्रवाई करने के लिए सिफारिश की जाएगी।
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फोटो:26एसजीआरपी02:मालेरकोटला में पवित्र ग्रंथों की बेअदबीमामले में बयान कलमबद्ध करते हुए।
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जसवीर सिंह भट्टी