मंडी/सरकाघाट। जिला मंडी में कुछ अंधविश्वासी देव आस्था के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं। मंडी के सरकाघाट में जादू टोने के नाम पर महिला के गले में जूतों का हार पहनाकर सरेआम घसीटने के प्रकरण ने मानवता को शर्मसार किया है। वीडियो वायरल होने के बाद चारों ओर इस कृत्य की निंदा हो रही है। देव समाज ने संबंधित देव माहूंनाग (सरकाघाट की गाहर पंचायत का बैरा इलाका) के गूर, कार कारिंदों और कमेटी का देव समाज से बहिष्कार करने का एलान किया है। वहीं पुलिस कार्रवाई में देरी होने को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की शिकायत करने के लिए कोई सामने नहीं आया। वीडियो सामने आने के बाद किसी ने लिखित बयान देने तक से मना कर दिया।
पीड़िता पूर्व सैनिक की पत्नी है। वह अपनी बेटी के घर ही रहती है। रथों को उठाने वाले लोगों का निशाना एक सेवानिवृत्त अध्यापक भी बने हैं। उन्होंने भी हिम्मत करके अपने साथ हुए कृत्य को साझा किया है। बताया कि हिम्मत दिखाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस भी मौका पर पहुंच गई लेकिन फिर उस पर भी देव प्रकोप का भय दिखाया और उसने भी पुलिस को दी अपनी शिकायत वापस ले ली।
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देवता के तीन रथ, प्रधान-पुजारी कोई नहीं
गाहर पंचायत में प्राचीन माहूंनाग मंदिर है। इसके तीन रथ हैं। इसमें मूल माहूंनाग, गायत्री माता और चामुंडा माता शामिल हैं। इनकी जिला मंडी समेत बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में भी काफी मान्यता है। हजारों लोग इसके अनुयायी हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी की मृत्यु तीन वर्ष पहले हो गई है और उसके बाद किसी भी व्यक्ति ने मंदिर का कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
पंद्रह दिन से रथ लेकर क्षेत्र में घूम रहे कुछ कार कारिंदे
15 दिनों से अपने आपको गूर और कारिंदे बताकर कुछ लोग तीनों रथों को उठाकर क्षेत्र में घर-घर में घूम रहे हैं। ऐसे ही जादू टोने जैसे अंधविश्वास की शिकार 81 वर्षीय वृद्धा हुई है। बताया जा रहा है कि उसकी अनुपस्थिति में कुछ लोग देवता के रथों को उसके घर में ले गए और घर के ताले तोड़कर अंदर रखे हुए सामान की तोड़फोड़ की। जब मामला पंचायत में पहुंचा तो देवता का डर दिखाकर उसकी शिकायत वापस लेने को मजबूर कर दिया और वह अपनी बेटी के घर चली गई।
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किया जाएगा बहिष्कार : शिवपाल शर्मा
सर्व देवता कमेटी जिला मंडी के प्रधान शिवपाल शर्मा ने कहा कि देव समाज इसकी निंदा करती है। देवता इस तरह के कृत्य की अनुमति नहीं देते। अगर किसी को दंडित करना है तो देवता उसको अपने अनुसार करेगा। संबंधित देवता पंजीकृत नहीं है। देव के गूर, कार कारिंदों और कमेटी का बहिष्कार किया जाएगा। अपंजीकृत देवी देवताओं पर सरकार से शिकंजा कसने की मांग की जाएगी। ऐसा करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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