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Mandi News: कर्मशाला में एक माह से धूल फांक रहीं निगम की बसें, कई रूट प्रभावित

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जोगिंद्रनगर बस डिपो में निगम की बसों की मरम्मत के लिए कलपुर्जों की कमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर परिवहन निगम बस डिपो की कर्मशाला में संसाधनों की भारी कमी अब बसों की मरम्मत में बड़ी बाधा बन गई है। पिछले एक माह से मरम्मत के लिए आई बसों के कलपुर्जों और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूटों पर पड़ रहा है। कर्मशाला में मरम्मत कार्य ठप होने से इस समय आठ से दस बसें कार्यशाला में खड़ी हैं। सीमित संसाधनों और जुगाड़ के सहारे चल रहे इस डिपो में तकनीकी कर्मचारियों के 20 से अधिक पद खाली हैं। मजबूरी में बैजनाथ और पालमपुर बस डिपो से तकनीकी कर्मचारियों को बुलाकर खराब बसों की मरम्मत करवाई जा रही है।
ग्राउंड रिपोर्ट से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जहां कर्मशाला में 40 से अधिक तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां केवल 7 से 8 कर्मचारी ही कार्यभार संभाल रहे हैं। संसाधनों की कमी निगम के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। कर्मशाला का कार्यस्थल भी कीचड़ और मलबे से भरा होने के कारण कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश और तेज धूप के समय। स्थिति यह भी है कि बसों की धुलाई का कार्य भी मात्र एक कर्मचारी के जिम्मे है, जिससे अधिकांश बसों की स्वच्छता पर सवाल उठने लगे हैं।
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76 स्वीकृत रूट, 46 बसें माइलेज पूरी कर चुकीं
जोगिंद्रनगर बस डिपो में परिवहन निगम के कुल 76 स्वीकृत रूटों पर संचालन किया जा रहा है, लेकिन इनमें से 46 बसें अपनी माइलेज पूरी कर चुकी हैं। इनमें से भी 8 से 10 बसें मरम्मत के लिए कर्मशाला में खड़ी हैं। इस कारण लंबी दूरी के रूटों पर बसों की भारी कमी बनी हुई है। परिचालकों और चालकों के कई पद भी खाली हैं। प्रतिदिन लगभग 10 हजार किलोमीटर का संचालन स्थानीय डिपो की बसों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन डीजल पंप जैसी मूलभूत सुविधा की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इस मामले पर मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा, हिमाचल पथ परिवहन निगम धर्मशाला डिविजन ने बताया कि जोगिंद्रनगर बस डिपो की कर्मशाला में तकनीकी कर्मचारियों की कमी और संसाधनों की अनुपलब्धता को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि मरम्मत कार्य में आ रही कठिनाइयों को दूर किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए नई बसों को शामिल किया जा रहा है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित हो सके।
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