कनिष्ठ अभियंता संघ बोला- मुंशी और ठेकेदार की लापरवाही से बढ़ रही विभाग की दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश कनिष्ठ अभियंता संघ लोक निर्माण विभाग मंडी जोन ने विभागीय कार्यों के लिए ठेकेदारों को इंजीनियर तैनात करने की सलाह दी है। संघ का कहना है कि ठेकेदार संगठन विभाग और विभाग के इंजीनियरों को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
संघ के प्रधान इंजीनियर प्रशांत शर्मा, महासचिव धवल कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान देवराज, वित्त सचिव तन्वी भारद्वाज, उपप्रधान जितेंद्र ठाकुर, साहिल ठाकुर, संगठन, सचिव आकाश चौहान, संयुक्त सचिव राजकुमार, प्रेस सचिव विकास गुलेरिया, मंडल सचिव प्रेरणा गौतम और सभी कनिष्ठ अभियंताओं का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान मौके पर अपने इंजीनियरों की व्यवस्था ठेकेदारों की ओर से नहीं की जाती है। प्रशांत शर्मा ने स्पष्ट किया है कि इंजीनियरों के पास भवन, पुल, सड़क निर्माण जैसे विभागीय कार्यों के अतिरिक्त चुनाव में ड्यूटी जैसे राजकीय कार्य भी होते हैं। विभागीय अभियंता के पास एक से अधिक सड़क टारिंग के कार्य होने के कारण केवल एक कार्य पर पूरा समय लगाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्य पर ठेकेदार का इंजीनियर होगा तो विभागीय इंजीनियर अपने अधीन सभी कार्यों पर सही समय दे पाएगा। कार्य की गुणवत्ता केवल विभाग की ही जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए ठेकेदार भी उतना ही जवाब है।
प्रशांत शर्मा ने कहा कि टारिंग के दौरान मौजूद ठेकेदार के मुंशी का तर्क रहता है कि उनका तकनीकी बारीकियों से कोई लेना देना नहीं है। मुंशी और ठेकेदार की लापरवाही से विभाग की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। संघ ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि विभागीय कार्यों में गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए ठेकेदारों को अपने इंजीनियर कार्य पर तैनात करने के निर्देश दिए जाएं।