आमने-सामने जाने के लिए अब नहीं लगाना होगा ग्रामीणों को दो किलोमीटर का चक्कर
ग्रामीणों का संघर्ष लाया रंग, डेढ़ दर्जन से अधिक पंचायतों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर(मंडी)। फोरलेन पर डैहर में अंडरपास की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन रंग लाया है। केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय ने ग्रामीणों की मांग को पूरा करते हुए अंडरपास बनाने को मंजूरी लोकसभा चुनाव से पहले दी थी। शनिवार से इस पर कार्य आरंभ हो गया है। अंडरपास बनने से सुंदरनगर, बिलासपुर और सरकाघाट की डेढ़ दर्जन के करीब पंचायतों को आवागमन में आसानी रहेगी और उनका दो किलोमीटर का सफर कम होगा।
अंडरपास के निर्माण पर करीब 6.5 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। अंडरपास का निर्माण आरंभ होने पर स्थानीय लोगों ने विधायक राकेश जम्वाल का आभार जताया है। गौरतलब है कि डैहर में फोरलेन बनने से बिलासपुर और त्रिफालघाट की ओर जाने के लिए ग्रामीणों को अपने वाहन से दो किलोमीटर लंबा सफर करना पड़ रहा था। इस कारण स्थानीय ग्रामीणों में रोष था, जबकि फोरलेन बनने से पहले यहां पर पुराना संपर्क मार्ग उन्हें जोड़ कर रखता था, लेकिन फोरलेन बनने के बाद अंडर पास न होने पर यह दूरी जो देखने में आमने सामने करीब 70 मीटर है को तय करने में दो किलोमीटर का चक्कर लग रहा था। अंडरपास की मांग को लेकर लंबे समय तक ग्रामीणों ने प्रदर्शन व संघर्ष किया। इस पर जिला प्रशासन के साथ-साथ विधायक राकेश जम्वाल ने ग्रामीणों को अंडरपास की मांग पूरा कराने का आश्वासन दिया था। एनएचएआई के परियोजना अधिकारी वरुण चारी ने डैहर अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू होने की पुष्टि की है।