मंडी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडी की अदालत ने चमन लाल बनाम हरेंद्र सिंह के बीच चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में शिकायत को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि चेक बाउंस होने के बाद कानूनी नोटिस की 15 दिनों की अनिवार्य अवधि समाप्त होने से पहले ही शिकायत दर्ज कर दी जाती है, तो वह कानून की नजर में मान्य नहीं होगी।
हरेंद्र सिंह ने विवाद को सुलझाने के लिए चमन लाल को 3,25,000 रुपये का एक चेक जारी किया था। जब चमन लाल ने चेक को बैंक में लगाया,तो यह बाउंस हो गया। चमन लाल ने 6 अगस्त 2018 को आरोपी को एक कानूनी नोटिस भेजा। आरोपी ने भुगतान नहीं किया, तो चमन लाल ने 12 सितंबर 2018 को अदालत में मामला दर्ज करवाया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि यह शिकायत समय से पूर्व थी। अदालत ने हरेंद्र सिंह को इस तकनीकी आधार पर राहत देते हुए शिकायत खारिज कर दी। संवाद