फोरलेन समन्वय समिति की 33 बिंदुओं की शिकायत पर स्वतंत्र कंसल्टेंट की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। मंडी-पठानकोट फोरलेन के पधर-बिजनी सुपर हाईवे को लेकर फोरलेन समन्वय समिति ने स्वतंत्र कंसल्टेंट की 74 पन्नों की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। समिति के महासचिव महेंद्र गुलेरिया ने कहा कि 33 बिंदुओं पर की गई शिकायत का कागजी जवाब देने के बजाय मौके पर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
गुलेरिया ने कहा कि समिति ने सड़क धंसने, सुरक्षा दीवारों में दरार और टूटने, पानी की निकासी, संपर्क मार्ग बंद होने, घरों और जमीन को खतरा, पुलों के पहुंच मार्गों को नुकसान और निर्माण की गुणवत्ता समेत 33 गंभीर शिकायतें उठाई थीं। उनका आरोप है कि रिपोर्ट में कई समस्याओं को भारी बारिश, पानी, ढलान और प्राकृतिक परिस्थितियों से जोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर रिपोर्ट में कई स्थानों पर मरम्मत, पुनर्निर्माण, सुरक्षा कार्य, जल निकासी सुधार और लगातार निगरानी की जरूरत भी बताई गई है। इससे निर्माण की खामियों पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण में सब कुछ ठीक है तो जगह-जगह मरम्मत और सुरक्षा कार्यों की जरूरत क्यों पड़ रही है।
समिति ने सभी 33 शिकायतों वाले स्थानों का संयुक्त निरीक्षण कराने, वास्तविक कारण तय करने और खामियां मिलने पर स्थायी सुधार करवाने की मांग की है। साथ ही 74 पन्नों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और प्रत्येक शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी जनता के सामने रखने की मांग की है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने बताया कि यह नियमित प्रक्रिया है। उनके समक्ष आने वाली हर शिकायत को स्वतंत्र कंसल्टेंट के पास भेजा जाता है। उनकी रिपोर्ट पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इस संबंध में शिकायतकर्ता को किए गए सुधार और कार्रवाई के बारे में अवगत करवाया जाता है।