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Mandi News: नागरिक अस्पताल रिवालसर में बिजली न स्टाफ, मरीज बेहाल

Mon, 20 May 2024 07:23 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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नागरिक अस्पताल रिवालसर का भवन
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रिवालसर (मंडी)। ऊपरी बल्ह की हजारों की आबादी को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने वाला नागरिक अस्पताल रिवालसर स्वयं ही सुविधाओं के लिए तरस रहा है। लंबे समय से अस्पताल को बिजली की सुविधा भी नहीं मिल पाई है। वहीं, नामात्र डॉक्टर, नर्सें और अन्य स्टाफ है, जो जैसे-तैसे अस्पताल में व्यवस्थाएं चला रहा है।
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सीएचसी से नागरिक अस्पताल का दर्ज तो दे दिया, मगर सुविधाएं यहां पीएचसी स्तर की भी नहीं हैं। आलम यह है कि मरीजों को छोटी-छोटी बीमारी होने पर भी दवा के लिए सुंदरनगर, मंडी और नेरचौक का रुख करना पडता है। अस्पताल में न तो विशेषज्ञों हैं, न सफाई कर्मचारी और न ही कोई बड़ी लैब है। इससे मरीजों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है।
हैरत की बात है कि अस्पताल के नवनिर्मित भवन का बिना बिजली कनेक्शन के ही लोकार्पण कर दिया गया है। बिजली न होने से अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों को रोगियों की जांच करना मुश्किल हो रहा है। अस्पताल में सुविधाओं का अभाव होने के चलते क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए निजी क्लीनिकों व मेडिकल कॉलेज नेरचौक, सुंदरनगर व मंडी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
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उधर, चिकित्सा अधिकारी रिवालसर रजनीश कुमार ने बताया अस्पताल में कई सुविधाओं का अभाव है। वहीं, विद्युत बोर्ड के एक्सईएन राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में बिजली कनेक्शन देने के लिए ट्रांसफार्मर लगेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को धन राशि जमा करवानी होगी।


अस्पताल में रोजाना होती है 150 से 200 ओपीडी

50 बेड के इस नागरिक अस्पताल रिवालसर में दैनिक ओपीडी 150 से 200 के बीच रहती है। मगर सुविधाओं के अभाव में मरीजों को मजबूरन सुंदरनगर, मंडी या मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर करना पड़ता है। करीब 25 से 30 पंचायतों के हजारों लोग इसी अस्पताल पर स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए आश्रित हैं। मगर वह स्वयं को ठगा ही महसूस कर रहे हैं। बेहतर सुविधा न होने के चलते उन्हें दूर दराज के अस्पतालों में जाकर उपचार लेना पड़ रहा है।

क्या कहते हैं मरीज और स्थानीय लोग
स्थानीय निवासी भीखम राम ठाकुर, यशपाल ठाकुर, तेज लाल ठाकुर का कहना है कि अस्पताल भवन पूरी तरह तैयार हो चुका है, मगर प्रदेश सरकार ने बिना विद्युत आपूर्ति के ही इसका लोकार्पण कर दिया। भवन में न तो प्रयोगशाला है, न मशीनरी उपलब्ध कराई गई और न ही कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध है, जिससे मरीजों का उचित ढंग से उपचार किया जा सके। रिवालसर अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर, स्टाफ आदि नहीं होने के कारण उपचार नहीं मिल पाता है और मजबूरन मरीजों को मंडी और नेरचौक का रुख करना पड़ता है।
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