करसोग (मंडी)। दर-दर भटक रही 72 वर्षीय देवली देवी को आखिर बेटे के घर ठिकाना मिल ही गया। महिला के बेटे ने पत्नी के साथ करसोग अस्पताल पहुंच कर मां को अपने साथ रखने की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। सर्दी के मौसम में दर दर की ठोकरें खा रही बुजुर्ग महिला के बारे में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। मजबूर देवली देवी को स्थानीय पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया था।
महिला का बेटा सेवानंद जो रामपुर में रह रहा है, पत्नी के साथ रातोंरात करसोग अस्पताल पहुंचा और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वृद्ध मां को अपने साथ रामपुर ले गया। मां ने भी वृद्ध आश्रम जाने का विचार त्याग कर बेटे के साथ रहने की इच्छा जताई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर देवली देवी को बेटे के सपुर्द कर दिया। स्वास्थ्य खराब होने के कारण देवली देवी दो दिनों से करसोग के सिविल अस्पताल में उपचाराधीन थी। वृद्ध महिला के साथ कोई अटेंडेंट न होने के कारण प्रशासन ने एक पुलिस कर्मचारी को देखरेख के लिए तैनात कर रखा था।
सेवानंद ने कहा कि मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली तो वह उनको लेने तुरंत वहां पहुंच गया। कहा कि उसके पिता के देहांत के बाद माता ससुराल कुमारसैन में रह रही थी। अचानक देवली देवी करसोग के ममेल आ गई। इस दौरान वृद्ध महिला किसी तरह करसोग के सिविल अस्पताल पहुंची। अस्पताल प्रशासन ने महिला के बारे में पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने वृद्ध महिला को एसडीएम के समक्ष पेश करते हुए उसे बसंतपुर स्थित वृद्ध आश्रम की औपचारिकताएं पूरी न होने तक सिविल अस्पताल में उपचार के लिए एडमिट करवाया था। एसडीएम करसोग सुरेंद्र ठाकुर का कहना है कि देवली देवी को उनकी सहमति के बाद बेटे के सपुर्द किया गया है।
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