नेरचौक (मंडी)। नगर परिषद नेरचौक के लोगों ने एक बार फिर उनके क्षेत्र को नगर परिषद क्षेत्र से बाहर करने के लिए आवाज उठाई है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद बनने के बाद भी शहर के हालात नहीं बदल पाए हैं। नगर परिषद नेरचौक को अस्तित्व में आए 10 साल हो गए हैं लेकिन नालियां वैसी की वैसी हैं।
इन 10 सालों में नेरचौक बाजार में विद्युत ऑफिस से लेकर ट्रक यूनियन तक सिर्फ एक तरफ ही नाली बनी है। स्थानीय लोगों के लिए रोजाना नए कानून, टैक्स लेने के नए-नए बहानों के अलावा कोई कार्य नहीं हुआ है। अब बाजार वासियों ने भी खुद को पंचायत में रखने की मांग करना शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार सिर्फ टैक्स इकट्ठा करने के लिए ही एकमात्र जरिया रह गया है।
नगर परिषद का अधिकांश पैसा नागचला, रत्ती, कसारला तथा सयोहली में खर्च किया गया जो अब नगर परिषद से बाहर हो गए हैं। डडौर वार्ड में भी जैसे तैसे चुनाव कर लिए गए हैं लेकिन वहां भी लोग नगर परिषद क्षेत्र से बाहर करने की मांग कर रहे हैं।
व्यापारी रोमिन शर्मा का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में गंदगी का आलम है। वार्डों से समय पर कचरा उठाया नहीं जाता है। पिछले 10 वर्षों में नगर परिषद में वसूलने के अलावा कुछ नहीं किया है सुविधा के नाम पर शून्य कार्य किया गया है।
रति रोड के व्यापारी तेज सिंह ठाकुर का कहना है कि नगर परिषद की कमियों के चलते रति रोड के व्यापारियों की दुकानों में ताले लगने की नौबत आ गई है। किसी भी दुकान के आगे गाड़ी रुक नहीं सकती है। पुलिस कर्मचारी दिन-रात चालान करते रहते हैं।
मुख्य बाजार के व्यापारी दिनेश शर्मा का कहना है कि न नाली की सुविधा है न फुटपाथ की सुविधा है। न ही कोई सफाई वाला यहां आता है। पार्किंग स्थल भी नहीं है। यह कौन सा आदर्श शहर बनाने की प्रक्रिया है। नगर परिषद से तो अच्छे हम पंचायत में थे।
जोध सिंह का कहना है कि नगर परिषद को बार-बार शिकायत की जाती है लेकिन नगर परिषद सोई हुई है। बार-बार रास्ते बनाने की मांग की गई है। पानी के पाइप नालियों में डूबे हुए हैं, उन्हें बाहर नहीं निकाला जा रहा है। हमें नगर परिषद क्षेत्र से बाहर किया जाए।
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