कार्यों के लिए नगर निगम कार्यालय के लग रहे चक्कर
पर्यवेक्षक नियुक्त होने से महापौर-उपमहापौर पद को लेकर बढ़ीं सरगर्मियां
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी में नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण में हो रही देरी से शहरवासियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। वार्डों से संबंधित विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान के लिए लोगों को नगर निगम कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, महापौर और उपमहापौर पदों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। महापौर और उपमहापौर के चयन को लेकर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। पर्यवेक्षक सांसद सिकंदर कुमार और पायल वैद्य नवनिर्वाचित पार्षदों से फीडबैक लेकर अपनी रिपोर्ट संगठन और सरकार को सौंपेंगे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व अंतिम निर्णय लेगा।
पैलेस कॉलोनी-दो वार्ड से निर्वाचित सुमन ठाकुर लगातार पांचवीं बार निकाय चुनाव जीतकर आई हैं। नगर परिषद और नगर निगम में लंबे समय तक कार्य करने का उनका अनुभव उनकी दावेदारी को मजबूत बनाता है। हालिया चुनाव में भी उन्होंने अपने वार्ड से प्रभावशाली जीत दर्ज की है, ऐसे में उनकी अनदेखी करना आसान नहीं होगा।
इसके अलावा वार्ड-12 भगवाहन से निर्वाचित गगन कश्यप भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। लंबे अंतराल के बाद निकाय राजनीति में वापसी करने वाले गगन कश्यप का अनुभव उनके पक्ष को मजबूत माना जा रहा है।
वहीं, वार्ड-11 समखेतर से निर्वाचित जितेंद्र शर्मा का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में लिया जा रहा है। इसके साथ ही वार्ड-3 पड्डल से लगातार दूसरी बार पार्षद चुनी गईं निर्मल वर्मा भी चर्चा में हैं। सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें भी महापौर पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
नगर निगम में भाजपा के बहुमत को देखते हुए महापौर पद पर पार्टी का कब्जा लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, संगठन किस चेहरे पर भरोसा जताता है, इसे लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। आने वाले दिनों में पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और पार्टी नेतृत्व के निर्णय के बाद महापौर और उपमहापौर पद के नामों पर अंतिम मुहर लगेगी।