घर बनाने के लिए सरकार ने सुंदरनगर मुहाल में किया भूमि आवंटन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना कार्तिक की जिंदगी में आशा की नई किरण बनकर आई है। प्रदेश सरकार की ओर से चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट कार्तिक को दो बिस्वा भूमि प्रदान की गई है। बल्ह तहसील के घट्टा (कुम्मी) गांव के रहने वाले कार्तिक ने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया।
पेशे से निजी बस चालक पिता ज्ञानचंद का साया चार साल की उम्र में सिर से उठ गया। इसके बाद मां ने निजी क्षेत्र में नौकरी कर कार्तिक और दो बहनों का लालन-पालन शुरू किया। 11 वर्ष की आयु में कार्तिक ने अपनी मां को भी खो दिया। इसके बाद नाना दुर्गादास सैनी के पास राजगढ़ में वह पले-बढ़े। मंडी कॉलेज से नॉन-मेडिकल में ग्रेजुएशन की। कार्तिक ने बताया कि अक्तूबर 2023 में योजना के तहत पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। इसी वर्ष दिसंबर से मासिक जेब खर्च के लिए चार हजार रुपये भत्ता भी मिलने लगा। उन्होंने योजना के तहत गृह निर्माण के लिए भूमि आवंटन के बारे में आवेदन किया। सरकार की ओर से उन्हें सुंदरनगर मुहाल में दो बिस्वा भूमि गृह निर्माण के लिए स्वीकृत हुई है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
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यह राशि हुई जारी
मंडी जिले में 783 पात्र लाभार्थियों को जेब खर्च के लिए 1.68 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 393 अनाथ एवं बेसहारा बच्चों, 27 वर्ष आयु तक के पात्र वयस्कों को सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिगत 30 नवंबर 2024 तक 1.27 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। आठ बाल देखभाल आश्रमों में रहने वाले 390 आवासियों को भी 41.04 लाख रुपये राशि सामाजिक सुरक्षा के रूप में प्रदान की गई है। संवाद