नेरचौक (मंडी)। अटल मेडिकल एवं रिसर्च यूनिवर्सिटी (एएमआरयू) नेरचौक की ओर से सोमवार को प्रतिष्ठित डॉ. देवी चंद स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह व्याख्यान श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय नेरचौक के परिसर में आयोजित किया गया।
इस वर्ष का व्याख्यान वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट दिल्ली विश्वविद्यालय के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) राज कुमार ने दिया। वह पल्मोनरी मेडिसिन के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं। उन्होंने वायु प्रदूषण और फेफड़ों के स्वास्थ्य विषय पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. राज कुमार ने वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह किस प्रकार अस्थमा, सीओपीडी, फेफड़ों का कैंसर और इंटरस्टिशियल लंग डिजीज जैसी बीमारियों को उत्पन्न और विकराल बना रहा है। उन्होंने सूक्ष्म कण, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन जैसी हानिकारक गैसों के शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों, विशेषकर फेफड़ों की सूजन और श्वसन क्रिया की क्षति पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार व्यक्ति वायु प्रदूषण के कारण सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में जनजागरुकता बढ़ाने, मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण और चिकित्सा समुदाय की सक्रिय भूमिका की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सुरेन्द्र कश्यप ने बताया कि यह आयोजन न केवल दिवंगत डॉ. देवी चंद को सच्ची श्रद्धांजलि थी, बल्कि आज के सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट वायु प्रदूषण पर सार्थक शैक्षणिक विमर्श का माध्यम भी बना। इस मौके पर एएमआरयू के कुल सचिव गिरीश समरा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीन कुमार शर्मा, नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीके वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद