मंडी। शहर में 11 दिन तक गणेश महोत्सव की धूम रही। विभिन्न स्थानों में पंडाल सजाए गए थे। गणेश प्रतिमाओं की सुबह शाम आरती और भजन संध्याओं का आयोजन किया गया। इस दौरान रामनगर, नीलकंठ महादेव मंदिर, शीतला मंदिर और सिद्ध गणपति मंदिर में भंडारे लगाए गए। 11वें दिन शनिवार को गणपति पंडाल समितियों ने गणेश प्रतिमाओं को वाहनों में सजाकर देवी-देवताओं की अगुवाई में बैंड बाजे और डीजे की धुनों पर ब्यास नदी के हनुमानघाट में विसर्जन के लिए पहुंचाया।
इस दौरान गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ, मोरया रे बप्पा मोरया रे उदघोष लगाकर श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देव को विदा किया। शहरवासियों ने घरों में रखी गणपति की छोटी प्रतिमाओं का भी विसर्जन किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सुबह से ही नए ब्यास पुल पर अग्निशमन दल का वाहन तैनात रहा।
दोपहर बाद 3:30 बजे से रामनगर, विश्वकर्मा मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, जेल रोड, वाल्मीकि सभा, लवकुश सभा सुहड़ा, चौहटा बाजार, मोती बाजार, एसवीएम के समीप, बालकरूपी मंदिर के समीप, माता शीतला मंदिर और प्राचीन सिद्ध गणपति मंदिर पंडालों में रखे गणपति प्रतिमाओं को ट्रैक्टर में सजा कर शहर मेंं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सभी गणेश समितियों ने राज देवता माधोराय मंदिर में शीश नवाते हुए आशीर्वाद लिया।
इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर गुलाल डाल कर पटाखे फोड़ते हुए बैंड बाजे और डीजे की धुनों पर खूब धमाल मचाया। नीलकंठ मंदिर के संयोजक दीपक गुलेरिया, रामनगर का राजा पंडाल से राजेंद्र पाल, विश्वकर्मा मंदिर के प्रधान महेंद्र राणा ने बताया कि रोजाना पंडालों में पूजा-अर्चना, आरती के साथ रात्रि में भजन संध्याएं आयोजित की गईं।
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ब्यास में बढ़े जलस्तर और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी गणेश मूर्तियों का विसर्जन एसडीआरएफ के जवानों के माध्यम से करवाया गया। शहर में 40 से अधिक पुलिस जवान इस महोत्सव के दौरान तैनात रहे।
-सचिन हीरेमठ, एएसपी एलआर मंडी