बग्गी के निकट बीएसएल नहर किनारे छोड़े गए बेसहारा पशु। संवाद
बग्गी (मंडी)। बग्गी के निकट सलवाहन में ब्यास सतलुज लिंक परियोजना की नहर के किनारे कुछ शरारती तत्वों ने ट्रक में भर कर लाए गए 10 से अधिक मवेशियों को छोड़ दिया। रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए ये शरारती तत्व वहां से भागने में सफल रहे। सुबह होते ही स्थानीय लोगों ने नहर किनारे असहाय अवस्था में इन बेसहारा पशुओं को देखा।
ग्रामीणों में सोमा देवी, चमारू राम, श्यामलाल कुंता देवी व जगदीश कुमार का कहना है कि यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से जारी है। नहर के किनारे के सुनसान क्षेत्र का फायदा उठाकर कुछ लोग मवेशियों को ट्रकों में भर कर लाते हैं और यहां छोड़ देते हैं। इससे न तो पुलिस को भनक लगती है और न ही लोग जल्दी इसे रोक पाते हैं। अब ये बेसहारा पशु खेतों में घुसकर नकदी फसलों को नुकसान पहुंचाएंगे।
परियोजना की नहर किनारे बेसहारा पशु किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। किसान इन पशुओं से फसल बचाने के लिए रात-रात भर खेतों में पहरा दे रहे हैं। किसानों ने पहरे के लिए आपस में दिन बांट रखे है, ताकि फसलों को पशुओं के नुकसान से बचाया जा सके।
पशुओं को आवारा छोड़ने वालों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
बीएसएल परियोजना की नहर के साथ लगती ग्राम पंचायत कोट के प्रधान दीनूराम, सलवाहन के प्रधान पंकज चौधरी, लोअर बहली के प्रधान किशोरी लाल, महादेव पंचायत के प्रधान नीलकमल और जुगाहन पंचायत के प्रधान राजेंद्र कुमार ने प्रदेश सरकार से बेसहारा पशुओं को लेकर स्थायी नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार के बेसहारा पशुओं के संरक्षण के लिए नीति बनाए, उन्हें आश्रय मिल सके और किसानों को राहत मिल सके।