जैकेट और जेएनजीईसी सुंदरनगर के विद्यार्थियों का बनाया मॉडल।
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पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में बुजुर्गों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। बिलासपुर के विद्यार्थियों ने एक ऐसी सेंसर वाली स्मार्ट जैकेट तैयार की है, जो शरीर का संतुलन बिगड़ने या गिरने की स्थिति में परिजनों को आपातकालीन सूचना भेजने के लिए बनाई गई है। इस नवाचार को तीसरे राज्य स्तरीय स्मार्ट हैकाथॉन-2026 में पहला स्थान मिला है।
जवाहरलाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय (जेएनजीईसी), सुंदरनगर में आयोजित इस प्रतियोगिता में राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बंदला की सिल्वर शील्ड टीम विजेता रही। कंप्यूटर विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. रवि कुमार के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस जैकेट से खासतौर पर उन ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों को समय पर सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकती है, जहां चिकित्सा सुविधाएं सीमित हैं।
विजेता टीम को 20 हजार रुपये और ट्रॉफी
स्मार्ट हैकाथॉन में पहला स्थान हासिल करने वाली सिल्वर शील्ड टीम को 20 हजार रुपये और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों का यह नवाचार बुजुर्गों की सुरक्षा से जुड़ी एक अहम समस्या का तकनीकी समाधान प्रस्तुत करता है।