मंडी/नैरचौक। सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ रविवार को जिलेभर में धूमधाम के साथ मनाया गया। पति की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा है और रात आठ बजे के बाद चांद के दीदार होने पर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पारण किया।
मंडी जिले के चौंतड़ा में रविवार रात को 7ः45 बजे चांद के दर्शन हुए तो महिलाओं ने अर्घ्य देकर छननी से चांद का दीदार किया और पति ने हाथों पानी पीकर व्रत का उद्यापन किया। मंडी शहर के भीमाकाली मंदिर परिसर में रात 9ः00 बजे चांद के दीदार हुए। 9ः20 बजे पूरे शहर में चांद दिखाई दिया। शहर की महिलाओं ने चौहटा बाजार, इंद्रिरा मार्किट छत, कुछ महिलाओं ने हेलीपेड, टारना और भीमाकाली मंदिर परिसर में जाकर चांद के दीदार किए।
इससे पहले करवाचौथ पर रविवार तड़के सुबह 4ः00 बजे से पहले महिलाओं ने फेनी और मठड़ी की सर्गी का सेवन किया और स्नान कर घर के काम निपटाए। दोपहर में उन्होंने शृंगार कर आस-पड़ोस की महिलाओं के साथ मिलकर मंदिर में करवा माता की व्रत कथा का पाठ किया और थालियों की अदला-बदली की। संध्या को सामूहिक रूप से करवा पाठ और आरती के बाद चांद निकलने का इंतजार किया गया।
मंडी जेल रोड निवासी रक्षा देवी, पैलेस की सुमन, रविनगर की कुसुम, सनयारड़ की सुनीता और खलियार की सौम्या ने बताया कि उन्होंने सुबह से निराहार रहकर पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा। महिलाओं ने बताया कि मंडी शहर के चारों तरफ ऊंची पहाड़ियां होने के कारण चांद देरी से दिखाई देता है, इसलिए वे अक्सर टारना मंदिर, भीमाकाली भ्यूली या हेलपैड कांगणी धार जाकर व्रत खोलती हैं। हालांकि अधिकांश महिलाएं अपने घरों की छतों पर चांद का दीदार करके व्रत खोलने में सफल रहीं।