मंडी। जिले में बीएड संस्थानों की ओर से मनमानी फीस वसूलने के विरोध में प्रशिक्षु उग्र हो गए हैं। बीएड विद्यार्थियों ने उपायुक्त मंडी को इन कॉलेजों की मनमानी के विरोध में सोमवार को ज्ञापन सौंपा है। हाल ही में शिक्षा विभाग ने बीएड के 2017-19 के बैच के लिए फीस वृद्धि की थी। लेकिन, बीएड कॉलेज संचालकों ने मनमानी कर 2015-17 के बीएड बैच से बढ़ी हुई फीस वसूलना शुरू कर दी। जिससे बीएड विद्यार्थियों में रोष है।
बीएड विद्यार्थियों का कहना है कि सोमवार को अंतिम सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरने का अंतिम दिन था। लेकिन, कॉलेज संचालकों की वजह से वह परीक्षा फार्म नहीं भर पाए हैं। विद्यार्थियों में रितु शर्मा, कुलदीप, कल्पना, लोकनाथ, वैशाली, ज्योति, चमन ने कहा कि कॉलेज संचालकों की वजह से वह फार्म नहीं भर पाए हैं। विभाग ने सत्र 2017-19 के बैच के लिए फीस वृद्धि की थी। लेकिन, कॉलेज संचालक मनमानी कर उनसे बढ़ी हुई फीस वसूलने का दबाव बना रहे हैं। सोमवार को अंतिम सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरने का अंतिम दिन था। पहले तीन सेमेस्टर तक विभाग ने फार्म भरने की प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा। लेकिन, अंतिम सेमेस्टर के लिए इसे ऑफलाइन कर दिया। जिससे उन्हें फार्म भरने के लिए कॉलेज पर निर्भर होना पड़ा। कॉलेज प्रबंधन इसी का फायदा उठाकर बढ़ी हुई फीस अदा करने के बाद ही फार्म भरने की शर्त विद्यार्थियों पर थोप रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना कि यदि वह अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा न दे सके तो इसके लिए कॉलेज प्रबंधन और शिक्षा विभाग जिम्मेवार होगा। शिक्षा विभाग और प्रशासन को इस बाबत सूचित कर दिया गया है।
सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
जिले में एक दर्जन के लगभग निजी बीएड कॉलेज हैं। अधिकतर कॉलेज प्रबंधन पुराने बैच से भी नए बैच की तर्ज पर फीस वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे सैकड़ों बीएड विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। कॉलेज प्रबंधन की मनमानी से सैकड़ों विद्यार्थी फार्म नहीं भर सके हैं।
2017-19 के बैच के लिए हुई है फीस बढ़ोतरी
चार मई 2017 को शिक्षा विभाग ने बीएड के दो वर्षीय कोर्स की फीस में बढ़ोतरी की थी। जिसका विद्यार्थियों ने विरोध किया था। विद्यार्थियों के विरोध के बाद विभाग ने स्पष्ट किया था कि बढ़ी हुई फीस नए बैच 2017-19 से वसूली जाएगी। जबकि, 2015-17 के बैच से बढ़ी हुई फीस नहीं वसूली जाएगी।
उपायुक्त मंडी संदीप कदम ने कहा कि बीएड विद्यार्थियों ने मांग पत्र सौंपा है। निजी बीएड कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक कर समस्या का समाधान किया जाएगा। शिक्षा विभाग से भी इस बाबत जानकारी ली गई है।