मंडी। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के कारण कोई भी ऑनलाइन ठगों का शिकार हो सकता है। साइबर थाना मंडी के एएसपी मनमोहन सिंह ने बताया कि साइबर ठगी से बचने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय जागरूकता है।
उन्होंने बताया कि फेसबुक पर किसी अनजान लड़की या महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आए तो सावधान रहें। महिला या लड़की की फोटो लगाकर फेक आईडी बनाई जाती है। दोस्त बनाकर मैसेंजर पर कॉल की जाती है और बाद में अश्लील वीडियो भेजकर वायरल करने की धमकी दी जाती है। टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर रुपये डबल करने और एक दिन में लाखों की कमाई का लालच देकर ठगी की जाती है।
एएसपी मनमोहन सिंह ने कहा कि ठग अकसर फोन पर छत या खाली प्लॉट में मोबाइल टावर लगाने के संदेश भेजते हैं और जरूरी कागजात तैयार कराने के नाम पर पैसे ठगते हैं। इसी तरह, लॉटरी में लाखों रुपये जीतने का संदेश भेजकर लोग अपने जाल में फंसाते हैं और टैक्स व कागजात बनवाने के नाम पर रुपये मांगते हैं।
उन्होंने सलाह दी कि कॉल या संदेश पर किसी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल्स, एटीएम नंबर, सीवीवी, पिन व ओटीपी साझा न करें। कॉल पर खुद को बैंक कर्मी या सरकारी कर्मी बताकर रुपये भेजने को कहा जाए तो सावधानी बरतें। फ्री इंटरनेट डाटा, रिचार्ज व अन्य लुभावने संदेश वाले लिंक खोलने से बचें। अज्ञात ऑनलाइन क्यूआर कोड को स्कैन न करें। सरकारी योजनाओं के नाम पर सब्सिडी देने वाले विज्ञापन पर भरोसा न करें। केवाईसी अपडेट करने वाले संदेशों और लिंक को खोलने से बचें।
उन्होंने कहा कि इन बातों का ध्यान रखते हुए लोग साइबर क्राइम से बच सकते हैं। जागरूक रहकर ही हम इस तरह की ठगी से सुरक्षित रह सकते हैं।