18 की जगह 6 डॉक्टरों के सहारे चल रहा 100 बेड का अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर की बीएसएल परियोजना का अस्पताल परिसर देखने में तो बड़ा है, लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होने के कारण अब खांसी, जुकाम के मरीज ही यहा उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि सिविल अस्पताल सुंदरनगर में हर रोज चार सौ से पांच सौ की ओपीडी होती हैं। वहीं बीएसएल परियोजना के इस अस्पताल में ओपीडी 30 से 40 तक सिमट गई है।
100 बेड के इस अस्पताल में महीने में आठ से दस मरीज ही भर्ती होते हैं। अस्पताल में पैरा मेडिकल स्टाफ की कोई कमी नहीं है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव ने संसाधनों को भी सफेद हाथी बना दिया है। स्थानीय निवासी अश्वनी, देवकांत, शकील ने बताया कि परियोजना के इस अस्पताल में किसी समय इतनी भीड़ होती थी कि यह इलाके में सबसे मशहूर अस्पताल था, लेकिन अब स्थिति उलट है। बीबीएमबी प्रबंधन इस अस्पताल को चलाने के दावे तो कर रहा है। मगर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती करने में असमर्थ ही है। अस्पताल में 18 की जगह मात्र 6 डॉक्टर ही तैनात हैं। अस्पताल में एक्सरे, ईसीजी और लैब आधुनिक साजो समान को तरस रही है।
बॉक्स
बीबीएमबी चेयरमैन से कई बार लिखित और मौखिक रूप से इस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती करने का आग्रह किया गया। अस्पताल में केवल स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के अलावा चार डॉक्टर और एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं। इस अस्पताल में 100 बेड की इनडोर व्यवस्था है। एक्सरे ईसीजी और लैब का स्टाफ है। मगर मशीनें पुरानी होने से जंग खा रही हैं।
-जोगिंद्र शर्मा, अध्यक्ष अस्पताल कल्याण समिति
बॉक्स
सुंदरनगर के बीएसएल परियोजना अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध करवाने के लिए भी बीबीएमबी प्रबंधन को अवगत करवा दिया है। प्रबंधन के निर्देशानुसार अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
-केएस ठाकुर, उपमुख्य अभियंता बीएसएल परियोजना सुंदरनगर