मैदानी क्षेत्रों में तापमान बढ़ते ही जिले के पर्यटन स्थल पर्यटकों से हुए गुलजार
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मंडी-कांगड़ा सीमा से सटी बरोट वैली में गर्मियों के चलते पर्यटकों की आमद बढ़ने से होटलों की ऑक्यूपेंसी शत-प्रतिशत तक पहुंच गई है। कैंपिंग साइट्स की ओर रात्रि ठहराव के लिए पर्यटकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। चौहारघाटी के बरोट क्षेत्र में स्थित होटलों और गेस्ट हाउसों में पर्यटकों को ठहरने के लिए कमरे नहीं मिल पा रहे हैं।
अब एकांत स्थानों पर बनी कैंपिंग साइट्स रात्रि ठहराव का प्रमुख केंद्र बन गई हैं। यहां पर्यटकों को हरी-भरी वादियों के बीच शांतिपूर्ण वातावरण मिल रहा है। मनोरंजन के लिए गायक कलाकार भी पहुंच रहे हैं। प्रत्येक पर्यटक से आकर्षक पैकेज के तहत तीन हजार से साढ़े तीन हजार रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है, बावजूद इसके कैंपिंग साइट्स में पर्यटकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
बरोट वैली में पर्यटकों की संख्या करीब एक हजार तक पहुंच गई। राजगुंधा और बड़ागांव में पर्यटकों ने हरी-भरी वादियों का आनंद लिया। वहीं ऊहल नदी में रिवर क्रॉसिंग को लेकर भी पर्यटकों में काफी उत्साह देखने को मिला। इसके अलावा बरोट बाजार से सटी शानन परियोजना की रेजर वायर और वहां स्थित फव्वारों को देखने के लिए भी पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी।
उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार और एसडीएम पधर सुरजीत ने बताया कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त और अन्य सभी सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए गए हैं।