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Mandi News: जंगलों में पिकनिक मनाने पर रोक, चरवाहों को अस्थायी ढारे हटाने के आदेश

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मंडी कांगड़ा सीमा पर वन मंडल जोगिंद्रनगर के घट्टा के समीप रविवार को फिर लगी    संवाद
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वन विभाग की टास्क फोर्स ने मंडी-पठानकोट हाईवे से सटे घट्टा, मोहनघाटी के जंगलों का निरीक्षण किया
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दहकते जंगलों की आग से रिहायशी इलाकों को खतरा, वन मंडल के साथ दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा

संवाद न्यूज एजेंसी

जोगिंद्रनगर (मंडी)। वन मंडल जोगिंद्रनगर के जंगलों में लगातार बढ़ रही आग से रिहायशी इलाकों पर खतरे को देखते हुए जंगलों में पिकनिक मनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। चरवाहों को भी अस्थायी ढारे हटाने के आदेश जारी किए हैं। आग से दहक रहे जंगलों में किसी भी प्रकार के जानी नुकसान को रोकने के लिए ये फरमान वन विभाग की ओर से जारी किए गए है।
इसके अलावा जंगलों में ज्वलनशील पदार्थ ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जंगलों में मौज मस्ती के दौरान आग की आशंका को देखते हुए वन विभाग की टास्क फोर्स ने पेट्रोलिंग कर सोमवार को मंडी-पठानकोट हाईवे से सटे घट्टा, मोहनघाटी के जंगलों में दबिश देकर व्यवस्था की जांच की। शानन प्रोजेक्ट के साथ लगते स्यूरी जंगल में भी पिकनिक मनाने वालों पर वन विभाग की पैनी नजर है। उरला रेंज में भी जंगलों में अनावश्यक आवाजाही को लेकर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा वन परिक्षेत्र कमलाह, धर्मपुर, जोगिंद्रनगर और लडभड़ोल क्षेत्र में भी जंगलों को आग से रिहायशी इलाकों को बचाने के लिए वन विभाग ने ये आदेश जारी किए हैं।
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वन मंडल जोगिंद्रनगर में आग की घटनाओं की बात करें तो अप्रैल और मई माह में करीब तीस घटनाएं अभी तक हो चुकी हैं। इनमें करीब 150 हेक्टेयर बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। घट्टा के जंगलों में आग से वन विभाग की प्लांटेशन को भी नुकसान पहुंचा है। अनुमानित दो लाख से अधिक का नुकसान आग की घटनाओं से हो चुका है।
वन मंडल जोगिंद्रनगर के वन मंडलाधिकारी कमल भारती ने बताया कि चिह्नित 25 हजार हेक्टेयर जंगल में 18 हजार हेक्टेयर बहुमूल्य वन संपदा आग की चपेट में आने की संभावना को देखते हुए दिशानिर्देश जारी किए हैं। बताया कि कमलाह, धर्मतर, लडभड़ोल और जोगिंद्रनगर वन परिक्षेत्र में आग की कुल 30 घटनाओं में 150 हेक्टेयर बहुमूल्य वन संपदा को अभी तक नुकसान पहुंचा है। जंगलों को आग से बचाने के लिए दमकल विभाग का भी सहयोग लेना पड़ रहा है जबकि जायका प्रोजेक्ट के आठ सौ से अधिक सदस्यों के अलावा वन विभाग के दो सौ कर्मचारी भी तैनात हैं।
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जंगलों में आग लगाने वालों पर फोरेस्ट एक्ट के तहत मामले भी दर्ज होंगें। रविवार देर शाम को फिर घट्टा के जंगल में आग लगने से नुकसान पहुंचा है। दमकल विभाग के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। -अश्वनी कुमार, एसीएफ वन मंडल जोगिंद्रनगर
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